आईपीएल प्रसंशको के लिए हाई कोर्ट से आया बुरी खबर

vinay mani tripathi / 07 January 2016

यदि उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा समिति की सिफारिशों को मानने के लिये बीसीसीआई को बाध्य कर देता है तो फिर देश की इस सर्वोच्च क्रिकेट संस्था को इस साल नौ अप्रैल से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के नौवें टूर्नामेंट के कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। समिति की एक सिफारिश के अनुसार आईपीएल सत्र और राष्ट्रीय कैलेंडर के बीच 15 दिन का अंतर होना चाहिए।

भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्व टी20 चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी जो 14 मार्च से तीन अप्रैल तक खेली जाएगी। यदि भारत तीन अप्रैल को होने वाले फाइनल के लिये क्वालीफाई करता है तो फिर देश के चोटी के क्रिकेटरों को इस चैंपियनशिप के समाप्त होने के एक सप्ताह के अंदर आईपीएल में खेलना होगा।

 

रिपोर्ट के वॉल्यूम एक के पेज 42 में ‘आईपीएल’ शीर्षक से लिखा गया है, ‘‘बीसीसीआई को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आईपीएल सत्र और राष्ट्रीय कैलेंडर के बीच कम से कम 15 दिन का अंतर हो। व्यस्त क्रिकेट कार्यक्रम का पेशेवर क्रिकेटरों पर प्रभाव पड़ रहा है और यह बीसीसीआई की जिम्मेदारी है कि वह इससे बचाव के लिये तुरंत उपाय करे।’’

समिति ने इसके साथ ही बीसीसीआई को यह भी याद दिलाया है कि भारतीय खिलाड़ी विदेशी क्रिकेटरों के नक्शेकदम पर चल सकते हैं जो अपना लंबा अंतरराष्ट्रीय करियर रखने के लिये आईपीएल का अनुबंध ठुकरा देते हैं।

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