पुणे में उठे पिच के विवाद के बाद ईडन गार्डन्स की विकेट पर 52 ओवर में गिरे 20 विकेट, खुद धोनी ने की पिच क्यूरेटर से बात | Sportzwiki Hindi

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पुणे में उठे पिच के विवाद के बाद ईडन गार्डन्स की विकेट पर 52 ओवर में गिरे 20 विकेट, खुद धोनी ने की पिच क्यूरेटर से बात 

पुणे में उठे पिच के विवाद के बाद ईडन गार्डन्स की विकेट पर 52 ओवर में गिरे 20 विकेट, खुद धोनी ने की पिच क्यूरेटर से बात

भारतीय टीम के पुर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस समय विजय हजारे ट्रॉफी में झारखंड टीम की कप्तानी कर रहे है. विजय हजारे में झारखंड टीम का चौथा मैच सौराष्ट्र टीम के साथ हुआ, जो एक लो स्कोरिंग मैच रहा. विजय हजारे ट्रॉफी में धोनी के शानदार शतक के बाद, कैफ ने धोनी के टेस्ट से सन्यास पर उठाये सवालियां निशान

इस मैच में 52.4 ओवर में ही 20 विकेट गिर गये थे. ऐसी पिच पर इस तरह का मैच देखकर महेंद्र सिंह धोनी सीधे ईडन गार्डन के पिच क्यूरेटर सूजन मुखर्जी से बात करने पहुँच गए.

महेंद्र सिंह धोनी ने लगभग 5 मिनट तक सूजन मुखर्जी से बातचीत की. उसके बाद सबका मानना था, कि झारखंड टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी शायद पिच क्यूरेटर से इस तरह की पिच बनाने के लिए शिकायत करने गए थे, लेकिन पिच क्यूरेटर सूजन मुखर्जी ने इस बात को टाल दिया है. सूर्यकुमार यादव को माफ़ी मांगने के बाद मिली मुंबई की विजय हजारे टीम में जगह

सूजन मुखर्जी ने कहा, “हाँ, महेंद्र सिंह धोनी ने मुझसे पिच के बारे में कहा, कि यह बहुत सीमिंग ट्रैक था, लेकिन उन्होंने इसको लेकर मुझसे कोई शिकायत नहीं की. मैं भी इस पिच पर इस तरह का मैच देखकर खुश नहीं हूँ.”

सूजन मुखर्जी ने आगे धोनी से हुई बातचीत के बारे में कहा, “मैं उनकी ईस्ट ज़ोन की अंडर -19 टीम का कोच था और पिछले मैचों के दौरान हमारी मुलाकात नहीं हो पाई थी, इसलिए वह इस मैच के दौरान मुझसे मिलने आये थे. वह मुझसे कोई शिकायत करने नहीं आये थे.”

इस मैच में झारखंड टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 27.3 ओवर खेलकर 125 रन बनाये, जिसका पीछा करते हुए सौराष्ट्र की टीम मात्र 25.1 ओवर खेलकर 83 रन पर ऑल आउट हो गयी और झारखंड की टीम ने इस मैच को 42 रनों से जीत लिया. विजय हजारे ट्राफी में शतक लगाने के बाद किससे मिलने पहुंचे धोनी, कौन है ये मिस्ट्री मैन?

झारखंड टीम के कोच राजीव कुमार ने कहा, “यह बहुत ख़राब पिच थी. सभी दर्शक मैच को देखने आते है, ताकि बल्लेबाज़ रन बनाये, लेकिन इस मैच के दौरान बल्लेबाजों को पिच पर खड़ा होना ही मुश्किल था.”

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