महेंद्र सिंह धोनी के पिछले चार साल के रिकॉर्ड देख आप भी हो जायेंगे हैरान इसी कारण

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4 साल से इस परेशानी से जूझ रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी, यही बन सकता है संन्यास की वजह 

4 साल से इस परेशानी से जूझ रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी, यही बन सकता है संन्यास की वजह

विश्व कप 2019 के शुरुआत से महेंद्र सिंह धोनी को लेकर कई विवाद खड़े हुए. यह इसलिए क्योंकि अब उनका प्रदर्शन पहले की तरह नहीं रहा. एक समय पर उनकी शानदार पारी देखने के लिए स्टेडियम उनके नाम के जयघोष से भर जाता था, इस विश्व कप में  ऐसे कई मौके आए जब माही को देख कर लग रहा था कि उनके बल्ले में  वो पुरानी  बात नहीं है. अब धोनी का करियर ढलान पर है और इसीलिए उनके संन्यास की मांग लगातार तेज हो रही है.

स्ट्राइक रेट के कारण बढ़ी थी महेंद्र सिंह धोनी की दिक्कतें

इस विश्व कप में  धोनी की आलोचना उनके स्ट्राइक रेट और स्ट्राइक रोटेट  करने  के कारण बढ़ी थी. साल 2018 में उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 71.42 रहा. साल 2019 में धोनी ने चेज करते हुए 8 पारियों में 404 रन जरूर बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट महज 76.66 रहा.

पिछले चार साल से धोनी का स्ट्राइक रेट पतन की ओर है. साल 2019 वर्ल्ड कप में वो चेज करते हुए टीम इंडिया को दो मैच जीताने में नाकाम रहे. पहला मैच था इंग्लैंड के खिलाफ और दूसरा था न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल. एक समय के बेस्ट  फिनिशर का ऐसा प्रदर्शन कोई नहीं देख सकता है.

टी-20 में ऐसा है धोनी का पिछले 4 साल से रिकॉर्ड

2019  विश्व कप तो भले ही भारत हार गया हो पर अब भारतीय टीम टी-20 विश्व कप 2020 के लिए कमर कस चुकी है. ऐसे में  धोनी के प्रशंसक चाहते हैं कि धोनी वह उस मैच में  एक बार फिर अपना प्रदर्शन दिखाए, पर इससे पहले हम आपको बताते हैं धोनी के पिछले साल चार साल का प्रदर्शन।

धोनी ने टी 20 में 37.6 के औसत से 1617 रन बनाए हैं, लेकिन यहां गौर करने वाले बात ये है कि वो 42 बार नॉट आउट रहे हैं.  टी20 में धोनी ने सिर्फ 2 अर्धशतक लगाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी 126.13 है.  यही नहीं टी20 क्रिकेट में धोनी हर पारी में महज 1.98 बाउंड्री लगाते हैं.

एकदिवसीय मैच में महेंद्र सिंह धोनी का खराब प्रदर्शन

एक समय ऐसा भी था जब 7  नंबर जर्सी वाला खिलाड़ी मैदान पर उतरता था वैसे ही चौकों छक्कों की बारिश होने लगती थी. पर पिछले चार साल से धोनी के साथ ऐसा नहीं हो रहा है, उनकी पारी धीमी होती नज़र आ  रही है.

साल 2016 में उन्होंने महज 27.8 की औसत से 278 रन बनाए और 2018 में उनका औसत गिरकर 25 हो गया. साल 2017 में उनका औसत बढ़कर 60.61 हुआ. इस साल भी उनका औसत 60 से ज्यादा का है. लेकिन धोनी का औसत नहीं उनका स्ट्राइक रेट टीम इंडिया की चिंता की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है.

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