ENG vs IND: ‘मैन ऑफ़ द मैच’ लेते हुए क्रिस वोक्स ने इन्हें दिया अपनी शतकीय पारी का श्रेय

vineetarya / 13 August 2018
Lifting a bat in the lords was a dream of childhood: Woakes

अपने स्टार ऑलराउंडर क्रिस वोक्स के शानदार प्रदर्शन के चलते इंग्लैंड की टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच में भारतीय टीम को पारी व 159 रन से हरा दिया है. क्रिस वोक्स ने अपनी टीम को इस जीत के साथ ही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की बढ़त भी दिला दी है.

क्रिस वोक्स के दमदार प्रदर्शन से इंग्लैंड को मिली जीत 

बता दें, कि इस पूरे मैच में क्रिस वोक्स का दमदार प्रदर्शन रहा, उन्होंने भारत की पहली पारी के 2 विकेट हासिल किये और भारत को 107 रन पर ही आल आउट किया.

इसके बाद उन्होंने बल्ले से 137 रन का नाबाद शतक लगाया और इंग्लैंड का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 396 रन तक पहुंचाया. इस स्कोर पर इंग्लैंड ने अपनी पारी घोषित कर दी थी. इसके बाद उन्होंने भारत की दूसरी पारी में भी दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल कर अपनी टीम को पारी व 159 रन की जीत दिला दी.

वोक्स को मिला शानदार प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ़ द मैच’

इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर क्रिस वोक्स को मैच में कुल 4 विकेट हासिल करने व शानदार 137 रन का शतक लगाने के चलते ‘मैन ऑफ़ द मैच’ का खिताब मिला.

जॉनी ने समझाया और रिलेक्स होने के लिए कहा

क्रिस वोक्स ने मैन ऑफ़ द मैच लेते हुए अपने बयान में कहा, “हम बहुत खुश है, कि हमने मैच का लगभग डेढ़ दिन धुल जाने के बाद भी चार दिन के भीतर ही मैच को जीत लिया है.

मुझे लगता है, कि मेरे लिए यह मैच काफी खास रहा है. मैं इस मैच को लेकर थोड़ा भावुक हूं. शतक लगाकर ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज करना हमेशा मेरे लिए अब बहुत ख़ास रहेगा.

जब मैं 80 रन के आसपास था. तब मैं जरुर घबरा गया था और ऑफ़ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर भी छेड़छाड़ कर रहा था, लेकिन इसके बाद मुझे जॉनी ने समझाया और रिलेक्स होने के लिए कहा.”

ब्रॉड और जिमी विश्वस्तरीय गेंदबाज 

क्रिस वोक्स ने आगे कहा, “हमारी पूरी टीम का प्रदर्शन इस मैच में खास रहा है, इसलिए यह जीत हमारे लिए और खास है. जब हमारे पांच विकेट हो गये थे और मैं बल्लेबाजी के लिए आया तो हम दोनों ने टिककर खेलने की कोशिश की, क्योंकि हम मैच में आगे जरुर थे, लेकिन उस समय मुश्किल में भी फंसे हुए थे.

हमें एक अच्छी लीड लेनी थी और उसके लिए कुछ देर टिककर खेलना जरुरी था. हमें पता था, कि अगर एक बार बाल का स्विंग होना बंद हो जायेगा, तो रन काफी आसानी से आ जायेंगे. 

लाल गेंद के साथ फिर से खेलना मुझे काफी अच्छा लगा, क्योंकि मैं फिलहाल अपनी काउंटी टीम वर्विकशायर के लिए सफ़ेद गेंद के साथ क्रिकेट खेलकर आया था.

मैंने अपनी गेंद डालने के लिए कलाई और गेंद को पकड़ने पर भी काम किया है. एक गेंदबाजी यूनिट के तौर पर हमने अच्छा काम किया. ब्रॉड और जिमी के हाथों से जब गेंद निकलती है तो बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान नहीं होता है. वे विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं. जिमी ने आसानी से इस मैच में 9 विकेट हासिल किये है. वही ब्रॉड का भी आज यह एक जादुई स्पैल था. दोनों की गेंदबाजी देखना बहुत अच्छा अनुभव होता है.”