मनोज तिवारी ने तिहरा शतक जड़ने के बाद आईपीएल फ्रेंचाइजी को लेकर कह डाली ये बड़ी बात 1

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके और फिर से आईपीएल के साथ ही भारतीय टीम में वापसी की तलाश में बैठे मनोज तिवारी ने सोमवार को रणजी के रण में जबरदस्त धमाका किया है। मनोज तिवारी ने बंगाल के लिए खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ शानदार पारी खेल कर तिहरा शतक जड़ डाला और अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया।

मनोज तिवारी ने तिहरा शतक लगाने के बाद आईपीएल को लेकर कही बात

रणजी ट्रॉफी में बंगाल और हैदराबाद की टीमों के बीच हुए इस मैच में मनोज तिवारी ने अपने आईपीएल में नहीं चुने जाने की पूरी कसर निकालते हुए बेहतरीन बल्लेबाजी की। तिवारी ने 404 गेंदों का सामना करते हुए 303 रनों की पारी खेली।

मनोज तिवारी

इस पारी के दौरान मनोज तिवारी ने 30 चौके लगाने के साथ ही 5 छक्के भी जड़े। उन्होंने इस पारी से कहीं ना कहीं आईपीएल की फ्रेंचाइजी और बीसीसीआई को करारा जवाब दिया है। मनोज तिवारी ने खासकर आईपीएल में नहीं चुने जाने को लेकर भी इस पारी के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी।

मनोज तिवारी ने कहा, आईपीएल में बाहर होना पचाना मुश्किल

मनोज तिवारी ने तिहरा शतकधारी बनने के बाद कहा कि “इस तथ्य(आईपीएल में नहीं चुना जाना) को पचाना बहुत ही मुश्किल था। लेकिन ये वास्तविकता है। जाहिर बुरा लगता है कि जब आप इतने सारे युवाओं को खेलते हुए देखते हैं और मैं घर में बैठकर देखता हूं।”

मनोज तिवारी

“इस समय भारत जीत रहा है। जिस तरह से अभी भारत आकार ले रहा है उससे तो मुश्किल है लेकिन इस दुनिया में कुछ भी संभव है। आत्मविश्वास ही मेरी ताकत है। मुझे हमेशा उम्मीद बनाए रखना है। मेरे लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है।”

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यहां पर खेलना बहुत खास

मनोज तिवारी ने आगे कहा कि “ये बहुत ही खास था। यहां तक कि भारत के टेस्ट बल्लेबाज हनुमा विहारी भी विफल रहे। अगर ये उनके लिए मुश्किल होता तो ये हमारे लिए भी मुश्किल होता है। ये चुनौतीपूर्ण स्थिति थी तो इस पारी की गुणवत्ता के बारे में बात की जा सकती है।”

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“मेरी वापसी के बारे में कहना मुश्किल है। मैं खुद का चयन नहीं कर सकता। लेकिन 50 प्लस की औसत से 8000 से ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के लिए आपको निरंतरता देखनी चाहिए। पारी की गुणवत्ता व्यक्ति की प्रतिभा है। मैंने हमेशा ही अपनी क्षमताओं और मेहनत पर विश्वास किया है। मेरा काम टीम के लिए रन बनाना और जीतना है।”

इस पारी को वनडे की 104 रन पारी के बताया समतुल्य

मनोज तिवारी ने इस पारी की तुलना अपने वनडे शतक से कि जब उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में 104 रन बनाए थे। तिवारी ने कहा “मेरे परिवार के लिए और मेरे बेटे के लिए ये पारी बहुत खास है। मैं जब जो कुछ करता हूं वो युवान(बेटा) के लिए करता हूं। वो मेरे लिए भाग्यशाली है। ये पारी युवान के नाम के साथ बल्ले से भी आई है। मैं इसे अपने 104 की पारी से रेट करूंगा।”

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मनोज तिवारी ने कहा कि” मेरी भूमिका वहां पर रुककर और नई गेंद को देख कर खेलने की थी। ये एक मील का पत्थर है जिसे मैं हमेशा के लिए संजो लूंगा। मैं कभी भी उनके रिकॉर्ड(गांधी के 323 रन) को पार नहीं करना चाहता था। उन्होंने बंगाल के लिए बहुत कुछ किया है। उन्हें वहां रहने दो मैं 303 रन पाकर खुश हूं।”