फैब-4 में शामिल होना चाहते हैं मार्नस लाबुशेन 1

14 जनवरी से ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम 3 मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेलने भारत दौरे पर आने वाली है. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इस दौरे को लेकर लगातार अपना उत्साह जाहिर कर रहे हैं. इसी क्रम में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे मार्नस लाबुशेन ने कप्तान विराट कोहली की निरंतरता की तारीफ करते हुए भारत दौरे को काफी अहम बताया है.

फैब-4 में शामिल होना चाहते हैं मार्नस लाबुशेन

मार्नस लाबुेशन

ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने फैब-4 खिलाड़ियों के बारे में बात करते हुए ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा,

आप स्टीव स्मिथ, विराट कोहली, केन विलियमसन, जो रूट को देखते हैं जिन्हें मैं भी देखता हूं और उनके जैसा बनना चाहता हूं. वह एक प्रारूप में नहीं बल्कि कई प्रारुपों में पिछले 5-6 साल से लगातार अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं.

तो मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से सीखने के लिए बहुत कुछ है और बढ़ने के लिए बहुत कुछ है क्योंकि मुझे इस गर्मी में कुछ सफलता मिली है लेकिन मेरे लिए असली चुनौती अधिक निरंतरता से चलना और रन बनाना है.

भारत में स्पिन को खेलना होगी बड़ी चुनौती

14 जनवरी से ऑस्ट्रेलिया-भारत के बीच शुरु होने वाली एकदिवसीय सीरीज के लिए मार्नस लाबुशेन भी भारत दौरे पर आ रहे हैं. हालांकि अब तक खिलाड़ी ने सीमित ओवर क्रिकेट में हाथ नहीं आजमाया है. मगर भारत दौरे को लेकर मार्नस लाबुशेन ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बात करते हुए कहा,

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 अगर मैं ऐसा करना जारी रख सकता हूं, तो यह स्पष्ट रूप से मेरे लिए चुनौती होगी, और इस एक दिवसीय सीरीज में एक अवसर मिलना मेरे लिए मेरे खेल का एक अलग हिस्सा दिखाने का एक अवसर है जिसे हमने नहीं देखा है. लेकिन यह एक बहुत ही रोमांचक चुनौती भी है.

मध्य क्रम में बल्लेबाजी करना है मुश्किल

मार्नस लाबुेशन

हाल ही में आई आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में मार्नस लाबुशेन ने बड़ी छलांग लगाई. जी हां, लाबुशेन ने केन विलियमसन को नीचे धकेलते हुए नंबर-3 की रैंकिंग हासिल की. तो वहीं कप्तान विराट कोहली नंबर-1, नंबर-2 स्टीव स्मिथ काबिज रहे. अब लाबुशेन ने भारत में अपनी बल्लेबाजी की चुनौतियों के बारे में आगे कहा,

भारत में खेलने का एक बड़ा हिस्सा यह है कि आप स्पिन कैसे खेलते हैं, इसलिए मेरे लिए मेरी योजना अच्छी और स्पष्ट है कि मैं स्पिन कैसे खेलता हूं और फिर मेरे पास जो प्रक्रियाएं हैं उन पर भरोसा करना. मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने का मतलब है विकेट के बीच तेजी से रन जुटाना और मौका मिलने पर अपने हाथ खोलना.