एशेज सीरीजकृ के पर्थ में शुरू हुए तीसरे टेस्ट में फिक्सिंग की संभावना

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

OMG: एशेज नहीं रही प्रतिद्वंदिता का खेल फिक्स है एशेज के सभी मैच 

OMG: एशेज नहीं रही प्रतिद्वंदिता का खेल फिक्स है एशेज के सभी मैच

क्रिकेट जगत में एक बार फिर से मैच फिक्सिंग का जिन्न बोदल से बाहर आ गया है। मैच फिक्सिंग का ये जिन्न अब तक मैच फिक्सिंग के इतिहास से नाता रखने वाले देश से नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के दो सबसे बड़े देश इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही एशेज सीरीज में बाहर निकला है।

OMG: एशेज नहीं रही प्रतिद्वंदिता का खेल फिक्स है एशेज के सभी मैच 1

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच आज से एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच पर्थ में खेला जा रहा है, जिसमें मैच फिक्सिंग जैसे काले कारानामें को अंजाम देने का सनसनीखेज दावा किया जा रहा है।

OMG: एशेज नहीं रही प्रतिद्वंदिता का खेल फिक्स है एशेज के सभी मैच 2

एशेज सीरीज के पर्थ टेस्ट में हुआ मैच फिक्सिंग का दावा

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में खेला जा रहा एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच आज से पर्थ में शुरू हुआ और पर्थ टेस्ट की शुरूआत होने के साथ ही मैच फिक्सिंग की बात सामने आने से पर्थ टेस्ट विवादों में आ गया।

‘द सन’ नाम के एक अखबार ने दावा किया है कि स्पॉट फिक्सरों ने पर्थ में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच से जुड़ी हर जानकारी देने की बात कही है। ‘द सन’ के अनुसार ये फिक्सर भारतीय हैं और ये हर ओवर की जानकारी देने के लिए 1,40000 यूके पाउंड की मांग कर रहे हैं।

OMG: एशेज नहीं रही प्रतिद्वंदिता का खेल फिक्स है एशेज के सभी मैच 3

फिक्सर्स में एक खेल चुका है विराट कोहली के साथ क्रिकेट

इन फिक्सरों की बात की जाए तो ये सॉबर्स जॉबन और प्रियांक सक्सेना नाम के हैं।इन फिक्सरों ने मांग की है कि उनको उनके अनुसार कहीं गई कीमत मिलती है तो वो हर ओवर में बनने वाले रनों की सही जानकारी देंगे। इसमें से सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि इन दोनों फिक्सरों में से एक सॉबर्स जॉबन तो भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के साथ क्रिकेट भी खेल चुका है।जॉबन ने तो ये दावा किया है कि वो कोहली के साथ एक बार मैच भी खेल चुका है।

virat kohli

इस तरह से मिलेगा मैच फिक्सिंग का इशारा

द सन अखबार की माने तो भारतीय फिक्सर ने कहा कि

मैच से पहले मैं बताउंगा कि किस ओवर में कितने रन बनेंगे और फिर आप उस ओवर में पैसे लगा देना। जो फिक्सिंग में शामिल खिलाड़ी ओवर फिक्स करने के बाद इशारा करेगा, जैसे ग्लव्ज बदलेगा, या उतरेगा इससे हम समझ जाएंगे कि वो उस ओवर को फिक्स करने वाला है। इस दौरान फिक्सर्स का एक साथी जो कि स्टेडियम में मौजूद होगा वो अपने साथियों को इस बात की जानकारी देगा और इसके बाद फिक्सिंग शुरू हो जाएगी।”

हालांकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष जेम्स सदरलैंड ने इस बात का खंडन किया है।

OMG: एशेज नहीं रही प्रतिद्वंदिता का खेल फिक्स है एशेज के सभी मैच 4

Related posts

Leave a Reply