दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान को कोचिंग देने के बाद अब इस टीम से जुड़े मिकी आर्थर 1

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच मिकी आर्थर को आखिरकार एक लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर से इंटरनेशनल क्रिकेट की बड़ी टीम ने अपना मुख्य कोच नियुक्त कर लिया है। दक्षिण अफ्रीका के मिकी आर्थर को इस बार कोच के रूप में एशिया की ही टीम श्रीलंका ने अपना मुख्य कोच बनाया है।

मिकी आर्थर बने श्रीलंका क्रिकेट टीम के मुख्य कोच

श्रीलंका क्रिकेट टीम के कोच के रूप में मिकी आर्थर चंडिया हाथुरूसिंघा का स्थान लेंगे और माना जा रहा है कि मिकी आर्थर श्रीलंका की टीम के साथ कुछ ही दिनों बाद पाकिस्तान के दौरे से कार्यकाल की शुरुआत करेंगे।

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इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मेजबानी में हुए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान की टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मिकी आर्थर को कोच पद से बर्खास्त कर दिया था। जिसके बाद से मिली आर्थर बड़ी टीम की ताक में थे।

मिकी आर्थर के साथ ही इन तीन दिग्गज को भी किया शामिल

मिकी आर्थर को श्रीलंका की टीम का कोच नियुक्त किया गया है लेकिन अभी तक उनके कार्यकाल के समय का खुलासा नहीं हुआ हैय़ और सूत्रों की माने तो मिकी आर्थर का कार्यकाल दो साल का हो सकता है।

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तो वहीं सूत्रों की माने तो मिकी आर्थर के साथ ही तीन और लोगों को श्रीलंका के सपोर्टिंग स्टाफ में शामिल किया गया है जिसमें जिम्बाब्वे के पूर्व बल्लेबाज ग्रांट फ्लावर बल्लेबाजी कोच, डेविड साकर गेंदबाजी कोच और शेन मेकडोरमेट को फील्डिंग कोच नियुक्त किया है।

श्रीलंका के कोच हाथुरूसिंघा के वेतन से खुल नहीं थे खेल मंत्री

इस कोचिंग स्टाफ की नियुक्ति के साथ ही श्रीलंका की विश्व कप में खराब प्रदर्शन का खामियाजा चंडिका हाथुरूसिंघा एंड कंपनी को भुगतना पड़ेगा। जिनकी देख-रेख में श्रीलंका छठे स्थान पर रही थी। तब श्रीलंका के खेल मंत्री हरिन फर्नांडो ने हाथुरूसिंघा के वेतन पर भी सवाल खड़ा किया था।

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हाथुरूसिंघा को श्रीलंका क्रिकेट टीम के कोच के रूप में 40,000 डॉलर प्रतिमाह दिया जा रहा था। जिसके लेकर खेल मंत्री हरिन फर्नांडो ने सवाल उठाते हुए कहा था कि “अगर हम केवल 35 प्रतिशत मैच जीत रहे हैं तो कोचों को इतनी ज्यादा फीस देने की जरूरत नहीं है।”

फर्नांडो ने आगे कहा कि “हाथुरूसिंघा को रिप्लेस करने के लिए इंटरनेशनल केंडिडेट हैं जो 17,500 से 25,000 डॉलर के बीच प्रति माह की वेतन की मांग कर रहे हैं।”