एमएस धोनी के बिना बहुत कमजोर हो जाती है भारतीय टीम

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एमएस धोनी के बिना भारतीय टीम का जीतना है मुश्किल, इन चार विभागों में दिखती है कमजोर 

एमएस धोनी के बिना भारतीय टीम का जीतना है मुश्किल, इन चार विभागों में दिखती है कमजोर

एमएस धोनी भारतीय टीम के लिए काफी अहम खिलाड़ी है. वह अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम को मैचों में जीत दिला चुके हैं. वह पिछले 15 साल से भारतीय टीम के लिए खेल रहे हैं. उनके अनुभव का भारतीय टीम को भरपूर फायदा मिलता है. हालाँकि, धोनी के बिना भारतीय टीम कमजोर नजर आती हैं और आज हम आपकों उन विभागों के बारे में बताएंगे, जो धोनी के बिना बहुत कमजोर हो जाते हैं.

मध्यक्रम 

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आपकों बता दें, कि भारतीय टीम के मध्यक्रम में अनुभवी खिलाड़ियों की कमी है. टीम के पास मध्यक्रम में धोनी ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है, जिनके पास 300 से ज्यादा मैचों का अनुभव है. वहीं अन्य मध्यक्रम के खिलाड़ी 60 मैच भी नहीं खेले हैं.

वह हर परिस्थिति में बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं, इसलिए जब टीम में धोनी नहीं रहते हैं, तो भारतीय टीम का मध्यक्रम बहुत कमजोर नजर आता है.

विकेटकीपिंग 

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वर्तमान में भारत के पास कई शानदार विकेटकीपर है, लेकिन एमएस धोनी से बेहतर वनडे विकेटकीपर कोई नहीं है. धोनी विकेट के पीछे कीपिंग में शानदार हैं. वह बिजली से भी तेज स्टंपिंग करने की क्षमता रखते हैं. साथ ही उनकी विकेटकीपिंग भी शानदार है. अगर धोनी विकेट के पीछे नहीं है, तो भारतीय टीम को विकेट के पीछे से भी परेशानी आ जाती है.

डीआरएस 

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डीआरएस की फुल फॉर्म डिसीजन रिव्यू सिस्टम है, लेकिन अब क्रिकेट जगत ने डीआरएस का एक और नाम रख दिया है. अब क्रिकेट प्रसंशको डीआरएस को ‘धोनी रिव्यू सिस्टम’ के नाम से भी जानते हैं.

डीआरएस का नाम धोनी रिव्यू सिस्टम इसलिए पड़ा है, क्योंकि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का डीआरएस लेने के मामले में कोई सानी नहीं है.

जब भी भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी डीआरएस लेते है, तो वह 99% सही रहते हैं. हालाँकि, अगर वह टीम में नहीं रहते हैं, तो भारतीय टीम डीआरएस के विभाग में कमजोर नजर आती है.

गेंदबाजो की मदद 

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भारत के गेंदबाज अपनी गेंदबाजी धोनी की मदद से ही करते हैं. भारतीय टीम के स्पिनरों को विकेट के पीछे से गेंदबाजी के दिशा निर्देश देते रहते हैं.

कुलदीप और चहल की जोड़ी अगर पिछले 2 सालों में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन कर पाई है, तो इसमें धोनी का बहुत बड़ा हाथ रहा है. अगर धोनी टीम में नहीं है, तो टीम के गेंदबाजो को विकेट के पीछे से बताने के लिए कोई नहीं होता हैं.

 

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