महेंद्र सिंह धोनी ने बताया 2007 टी20 विश्व कप के दौरान कैसे किया था बॉल आउट

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महेंद्र सिंह धोनी ने बताया 2007 टी-20 विश्व कप के दौरान कैसे किया था बॉल आउट का अभ्यास 

महेंद्र सिंह धोनी ने बताया 2007 टी-20 विश्व कप के दौरान कैसे किया था बॉल आउट का अभ्यास

भारतीय क्रिकेट में सबसे बड़ा बदलाव आईपीएल के शुरुआत के बाद आया था. आईपीएल की शुरुआत का सबसे बड़ा कारण 2007 टी20 विश्व कप जीतना था. महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी में खेले गये उस मैच में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गये लीग मैच का नतीजा बॉलआउट से निकला था. जिसको लेकर धोनी ने अब बड़ा खुलासा किया है.

महेंद्र सिंह धोनी ने बॉलआउट को लेकर किया बड़ा खुलासा

महेंद्र सिंह धोनी

पूर्व भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 2007 में पहली बार कप्तानी संभाली थी. उस टी-20 विश्व कप के एक मैच में बॉल आउट में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की थी. जिसको लेकर अब महेंद्र सिंह धोनी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि

” हम बॉल-आउट के साथ अपनी अभ्यास सत्र को शुरू और खत्म करते थे. यह पहली बार था जब इस तरह की चीज का इस्तेमाल होने जा रहा था. जब यह मज़ेदार हुआ करता था, तो हमने तय किया कि जो खिलाड़ी नेट सत्रों में सबसे अधिक बार स्टंपस पर गेंद  मारेंगे, उनका प्रयोग बॉल-आउट में किया जाएगा जब स्थिति पैदा होगी.”

टी20 विश्व कप 2007 के जीत की वजह बताई महेंद्र सिंह धोनी ने

महेंद्र सिंह धोनी ने बताया 2007 टी-20 विश्व कप के दौरान कैसे किया था बॉल आउट का अभ्यास 1

उस विश्व कप में भारत की जीत का कारण बताते हुए तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि

” हमने अपने नियमित गेंदबाजों को नहीं चुना लेकिन हमने उन्हें चुना जिन्होंने हमें सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिए, लेकिन हम इसके लिए तैयार थे. ठीक उसी तरह जैसे हम विश्व टी 20 के लिए तैयार थे.”

उन्होंने आगे कहा कि

” मेरा मानना है कि केवल कुछ ही व्यक्ति टीम के लिए सब कुछ नहीं कर सकते हैं और टीम के प्रत्येक व्यक्ति को योगदान देना चाहिए और यही कारण है कि हम 2007 में जीते हैं. एक अच्छा रन आउट, एक शानदार कैच, ऐसे पल टीम वर्क और योगदान का सबूत है कि टीम में सब अपनी भूमिका निभा रहे हैं.”

पहली बार धोनी ने संभाली थी कप्तानी

महेंद्र सिंह धोनी ने बताया 2007 टी-20 विश्व कप के दौरान कैसे किया था बॉल आउट का अभ्यास 2

जब पहली बार टी20 विश्व कप की बात आई तो कई उस समय के प्रमुख खिलाड़ियों ने इस दौरे पर जाने के बजाय आराम ले लिया था. जिसके कारण इस टूनामेंट में भारत को अपनी युवा टीम भेजनी पड़ी थी और मात्र इसी वजह से महेंद्र सिंह धोनी को पहली बार टीम की कप्तानी भी सौंप दी गयी थी.

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