टेस्ट कप्तान के रूप में धोनी ने ऐसे दिया अपना अंतिम प्रेस कांफ्रेंस

भारतीय कप्तान धोनी की एक खासियत रही है, कि जब भारत मैच भी हारा उस समय भी धोनी ने बिना शर्म और किसी परेशानी के टीम और अपने द्वारा हुई, गलतियों को मीडिया के सामने स्वीकार किया, और धोनी ने अपने अंतिम प्रेस कांफ्रेंस में भी यही किया.

आज यहाँ हम धोनी के द्वारा टेस्ट कप्तान के रूप में दिए गये प्रेस कांफ्रेंस पर एक नजर डालते है:

ऑस्ट्रेलिया द्वारा पारी की घोषणा पर:

 धोनी ने कहा इस सवाल का मेरे पास 2 जबाब है, लेकिन ये लोगो पर निर्भर करता है, कि वें कैसा सुनना चाहते है? हालाँकि इस पर मै कहूँगा ये उनकी मैच प्लानिंग थी वें कैसा फैसला लेते है, ये उनके उपर निर्भर करता है.

दोनों टीमो के एक दुसरे से भिड़ने पर:

यह मैच दर्शको के लिए काफी मजेदार रहा, उन्होंने इस सीरीज में बाउंड्री, विकेट, चौक्के, छक्के सब कुछ देखा, हालाँकि मै ऑस्ट्रेलियाई खिलाडियों के बारे में कुछ नहीं कहना चाहता, यह उनका व्यक्तिगत मामला है.

ऑस्ट्रेलिया द्वारा पारी की घोषणा करने में जो देरी की गयी, क्या वो भारत द्वारा इस सीरीज में खेले गये पहली पारी को देखते हुए था?

निश्चित रूप से हाँ, हमने पहली पारी में एक अच्छी साझेदारी दिखाई और मुझे लगता है, इसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पारी की घोषणा करने में कुछ ज्यादा समय लिया, लेकिन दूसरी पारी में हमने जल्दी-जल्दी विकेट खो दिए और पुरे सीरीज के दौरान मैच कभी भी हमारे पक्ष में नहीं था.

केएल राहुल को तीसरे स्थान पर बैटिंग के लिए भेजे जाने के बारे में पूछने पर:

वह कर्नाटका के लिए ओपनिंग करता है, और मैंने एक ओपनर के रूप में उसे शुरू में अच्छे शॉट खेलते हुए देखा, हूँ मुझे उसके योग्यता पर पूरा विश्वास था, जिसे देखते हुए हमने उसे तीसरे स्थान पर बल्लेबाजी के लिए भेजा, उसने नेट में अभ्यास के समय अच्छा खेल दिखाया था, इसलिए मुझे उसे तीसरे स्थान पर बल्लेबाजी करने का मौका देना सही फैसला लगता है. इस मैच में तो वो कुछ अच्छा नहीं कर पाया लेकिन भविष्य में वो अच्छा खेल दिखायेगा.

मेलबर्न टेस्ट के ड्रा के बारे में पूछे जाने पर:

यह टेस्ट बहुत ही अच्छा रहा, हमे पता था, कि यह टेस्ट हम नहीं जीत सकते और सीरीज तो हम हार ही चुके है, शुरू में जब हम ग्राउंड पर उतरे तो हमारा लक्ष्य यह मैच जितने का था, लेकिन जैसे ही हमने जल्दी से कुछ विकेट गवां दिया, मैंने टेस्ट को ड्रा की तरफ ले जाना ही बेहतर विकल्प समझा.

 

 

 

 

 

 

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