INDvsWI: पोते ने लगाया शतक तो, दादा ने मिठाई बांटकर मनाया जश्न

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INDvsWI: पृथ्वी शॉ के शतक पर उनके दादा जी ने किया कुछ ऐसा आस-पास के लोग हुए खुश 

INDvsWI: पृथ्वी शॉ के शतक पर उनके दादा जी ने किया कुछ ऐसा आस-पास के लोग हुए खुश

भारत बनाम वेस्टइंडीज से अपने करियर का डेब्यू करने वाले पृथ्वी शॉ के फैंस को शायद ही यह बात मालूम होगी, कि इनके पिता पंकज शॉ बिहार के गया जिले के अंदर मानपुर गांव के हैं, लेकिन इनके बेटे का जन्म 9 नवंबर 1999 को मुंबई के विरार इलाके में हुआ था.

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पृथ्वी शॉ के पिता बेटे के जन्म से पहले ही मुंबई आ गए थे, और वो यहां कपड़ों की दूकान देखते थे. अब बिहार के गया में इस समय पृथ्वी शॉ के दादा,दादी और दूसरे घर वाले सब साथ रहते हैं. उनके दादा अपने घर में ही कपड़े की दुकान चलाते हैं.

पृथ्वी के पैतृक घर में बंटी मिठाइयां

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पृथ्वी ने जब अपने पहले टेस्ट मैच में शतक लगाया, तो उनके दादा ने अपने सभी पड़ोसियों के घर मिठाई बांटी. वह पृथ्वी को शतक लगाते देखते हुए बेहद खुश हैं. उनके शतक जड़ने के बाद उनके दादा के साथ-साथ सभी गांव वाले फूले नहीं समा रहे हैं. पड़ोसियों ने ढोल बजा के पृथ्वी के दादा जी को बधाई देते हुए मिठाई खिलाई.

महज चार साल की उम्र में माँ को खोया

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जब पृथ्वी चार साल के थे तब ही उनकी माँ का देहांत हो गया था. जिसके बाद उनके पिता ने ही माँ की कमी को पूरा किया. अशोक शॉ ने बताया कि मेरा बेटा मुंबई के विरार में रहता हैं. वह कपड़े का काम करता हैं, इसी दौरान 18 साल पहले मेरे पोते पृथ्वी का जन्म हुआ.

मुंबई में अंडर-19 विश्व कप से पहले पोते से मिले थे अशोक

पृथ्वी जब तीन साल के थे तब उनके पिता ने उन्हें खेलने के लिए गेंद-बैट लाकर दिए थे. और वो महज तीन साल की उम्र में भी बल्ले से गेंद को अच्छे से मारते थे.

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पृथ्वी इतनी कम उम्र में भी बहुत टैलेंटेड थे, जब वो पांच साल के हुए. तब मुंबई के विरार में एक नामी उद्योगपति थे. जो नाना के नाम से जाने जाते थे. उस समय उनकी नज़र पृथ्वी पर पड़ी. उसके बाद उन्होंने पृथ्वी को कोच पिलंकुर सर से मिलवाया. उन्होंने पृथ्वी के खलने के तरीके की बहुत तारीफ भी की.

दादी-दादा से मिलकर कही थी ये बात

कुछ समय पहले जब उनके दादा पृथ्वी से मिले थे. तब उन्होंने अपने दादा को बताया था, कि अंडर-19 टीम का कप्तान बन गया हूँ. मैं आप मुझे बस आशीर्वाद दीजिये, ताकि मैं विश्व कप जीत सकूँ.

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