हाँ, मैं निराश हूं लेकिन मैंने चयनकर्ताओं पर सवाल नहीं उठायें, मैंने अपनी बात रखी- मनोज तिवारी

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पहले चयनकर्ताओ पर उठाया सवाल अब सफाई देते हुए ये क्या कह गये मनोज तिवारी 

पहले चयनकर्ताओ पर उठाया सवाल अब सफाई देते हुए ये क्या कह गये मनोज तिवारी

बीसीसीआई द्वारा साउथ अफ्रीका-A के खिलाफ चार दिवसीय मैच, दिलीप ट्रॉफी और साउथ अफ्रीका- A एवं ऑस्ट्रेलिया- A के साथ खेले जाने वाली सीरीज के लिए इंडिया- A और इंडिया- B टीमों की घोषणा की गई है. इनमें से किसी भी टीम में मनोज का नाम नहीं है और इसी पर बंगाल के क्रिकेट खिलाड़ी ने निराशा जताई है.

मनोज ने 2017-18 सीजन में 126.70 की औसत से 507 रन बनाए. यह भारत में घरेलू सीजन में लिस्ट- A की औसत के तहत सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले स्कोर 400 रन तक का था.

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि इंडिया ए टीम में मुझे चुना जाएगा. जब कोई बेहतरीन परफॉर्म करता है, तो उसे इसका ईनाम मिलना चाहिए और पिछले सीजन में मैंने 50 ओवर के टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है. मैंने वो रिकॉर्ड बनाया है जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कोई नहीं बना पाया है.’

पहले चयनकर्ताओ पर उठाया सवाल अब सफाई देते हुए ये क्या कह गये मनोज तिवारी 1

बता दें कि 2017-18 के डोमेस्टिक सीजन में मनोज तिवारी ने ने 126.70 की औसत से 507 रन बनाए हैं, जो लिस्ट ए में अबतक का सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस है.

विजय हजारे ट्रॉफी और देवधर ट्रॉफी में भी मनोज तिवारी का औसत 100 से ज्यादा का रहा है. आजतक किसी बल्लेबाज ने एक सीजन में इस मुकाम को नहीं छुआ है.

मनोज ने चयनकर्ताओं पर भड़ास निकले हुए एक के बाद एक कई ट्वीट भी किये थे. जिसे देख लगने लगा कि इस खिलाड़ी ने सेलेक्टर्स पर सवाल उठाया है. हालांकि अब अपने इंटरव्यू में बंगाल के इस बल्लेबाज ने अपने ट्वीट से जुड़ी सफाई पेश की है. मनोज ने कहा कि, “सबसे पहले, मुझे यह स्पष्ट करने दें कि मैंने टीम चयन के संबंध में कुछ भी ट्वीट नहीं किया है. मैंने बस आकड़ों को धयन में रखते हुए कुछ पूछा जिसे मैं जानना चाहता था बस.”
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मनोज तिवारी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि “मुझे आईपीएल के इस सीज़न में खेलने के खास मौके नहीं मिलें.जबकि पिछले साल मेरे पास एक उत्कृष्ट सत्र था, जहां हमारी टीम फाइनल में पहुंच गई थी. इससे साफ़ होता है कि चयनकर्ता खिलाड़ियों का मुंह देख उन्हें टीम में मौका देते हैं आंकड़े देख नहीं. हाँ, मैं आश्चर्यचकित था लेकिन मुझे पता था कि मेरे पास एक अच्छा सीजन था. देवधर और विजय हजारे ट्रॉफी दोनों में 100 से अधिक औसत से रन किये हैं जहां तक बहुत कम बल्लेबाज पहुँच पाते हैं.”

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