नाथन एस्टल ने जड़ा है सबसे तेज शतक, आज कर रहे हैं संघर्ष

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इतिहास के झरोखो से- सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाला ये बल्लेबाज अब पैसे के लिए लगाता है जान की बाजी 

इतिहास के झरोखो से- सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाला ये बल्लेबाज अब पैसे के लिए लगाता है जान की बाजी

टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एक से एक तेज तर्रार पारी देखने को मिली है। वैसे तो टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज बहुत ही संभल कर खेलता है और ज्यादा से ज्यादा समय क्रीज पर बिताने की कोशिश करता है लेकिन कुछ ऐसी पारियां देखी जाती है जिसमें बल्लेबाज बहुत ही तेजी के साथ रन बनाने में लगा रहता है। ऐसा पिछले कुछ साल में बढ़ा है जब बल्लेबाज को तेज गति से रन बनाते देखा गया है।

18 साल पहले नाथन एस्टल के बल्ले से निकला था टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक

टेस्ट क्रिकेट में एक तेज पारी का रिकॉर्ड 18 साल पहले बना था लेकिन आज तक उसे कोई बल्लेबाज तोड़ नहीं सका है। वैसे टेस्ट क्रिकेट में तेज पारियां का रिकॉर्ड इन सालों में भारत के पूर्व बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग के बल्ले से देखा गया है।

इतिहास के झरोखो से- सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाला ये बल्लेबाज अब पैसे के लिए लगाता है जान की बाजी 1

वीरेन्द्र सहवाग हो या क्रिस गेल या फिर डेविड वार्नर लेकिन कोई बल्लेबाज उस रिकॉर्ड को तोड़ नहीं सका है जो 18 साल पहले बना था। ये रिकॉर्ड था टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक का रिकॉर्ड जो न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज नाथन एस्टल के बल्ले से निकला था।

नाथन एस्टल ने लगाया था केवल 153 गेंदों पर दोहरा शतक

न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज नाथन एस्टल ने 16 मार्च के ही दिन 18 साल पहले यानि 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में जबरदस्त पारी खेली थी। इस पारी के दौरान नाथन एस्टल ने केवल 153 गेंदों का सामना करते हुए ही दोहरा शतक जड़ डाला। ये टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक था जिसे कोई बल्लेबाज तोड़ नहीं सका।

नाथन एस्टल ने इस जबरदस्त पारी के दौरान 168 गेंद का सामना करते हुए 222 रनों की यादगार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 11 छक्के और 28 चौके जड़े।  वैसे न्यूजीलैंड के लिए एस्टल की ये पारी काम तो नहीं आ सकी और उन्हें 98 रनों का हार का सामना करना पड़ा लेकिन एस्टल की ये पारी हमेशा के लिए यादगार हो गई।

क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद इस खतरनाक खेल का हैं हिस्सा

न्यूजीलैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज एस्टल के इस रिकॉर्ड को आज तक कोई तोड़ नहीं सका है। उन्होंने साल 1995 में अपने करियर की शुरुआत की और साल 2007 के विश्व कप से ठीक पहले अचानक से संन्यास की घोषणा कर दी। संन्यास लेने के पीछे क्रिकेट के प्रति घटती रूचि को कारण बताया। एस्टल ने 81 टेस्ट मैच में 4702 रन बनाए जिसमें 11 शतक शामिल रहे तो 223 वनडे में उन्होंने 16 शतक की मदद से 7090 रन बनाए।

नाथन एस्टल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद से इस खतरनाक खेल का हिस्सा हैं जहां कभी भी जान जाने का खतरा बना रहता है। वो क्रिकेट को छोड़ने के साथ ही कार रेसिंग कर रहे हैं। कार रेसिंग में वो वैसे तो अच्छे हाथ जमा चुके हैं लेकिन ये खेल बड़ा खतरनाक माना जाता है। जिसमें डर बना रहता है। वो फिलहाल 48 साल में भी कार रेसिंग कर रहे हैं।

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