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लोढा समिति के अब इस फरमान ने बीसीसीआई के अधिकारियों की उड़ा डाली नीद 

लोढा समिति के अब इस फरमान ने बीसीसीआई के अधिकारियों की उड़ा डाली नीद

दुनिया के सबसे अमिर क्रिकेट बोर्ड पर अगर किसी की नजरे इन दिनों सबसे ज्यादा है, तो वह सुप्रीमकोर्ट की लोढा समिति है. सुप्रीमकोर्ट की लोढा समिति बीसीसीआई के अधिकारियों और उनके कामकाज पर पूरी तरीके से अपनी नजरे बनाई हुई है.

बीसीसीआई की लोढा समिति ने बीसीसीआई पर नजरे रखने के लिए क्रिकेट प्रशासक समिति का भी गठन किया हुआ है. बीसीसीआई को हर बड़े फैसला लेने से पहले इस क्रिकेट प्रशासक समिति की भी मंजूरी लेनी पड़ती है.

अब ये फरमान सुनाया लोढा समिति ने बीसीसीआई को 

लोढा समिति के अब इस फरमान ने बीसीसीआई के अधिकारियों की उड़ा डाली नीद 1
PC: Google

दरअसल सुप्रीमकोर्ट की लोढा समिति बीसीसीआई में कुछ नए चेहरों को भी मौका देना चाहती है, जिसके लिए लोढा समिति ने बीसीसीआई के अधिकारियों का सिर्फ तीन साल का कार्यकाल ही निश्चित करने का फैसला किया है.

बीसीसीआई दे रही है फैसले को चुनौती  

लोढा समिति के अब इस फरमान ने बीसीसीआई के अधिकारियों की उड़ा डाली नीद 2
@BCCI

मगर सुप्रीमकोर्ट की लोढा समिति के इस फरमान को बीसीसीआई भी कोर्ट पर पूरी चुनौती दे रही है और इस तीन साल की अवधि को बढ़ाकर 9 साल करने की मांग कर रही है.

मुद्दे को लेकर आरएम लोढा ने अपने इंटरव्यू में कहा 

लोढा समिति के अब इस फरमान ने बीसीसीआई के अधिकारियों की उड़ा डाली नीद 3

आरएम लोढा ने क्रिकेट कंट्री से बात करते हुए अपने एक इंटरव्यू में कहाहम सिर्फ इतना चाहते है, कि अन्य लोगो को भी बीसीसीआई में आने का मौका दिया जाना चाहिए, यदि अधिकारियों को नौ साल के लिए रहने की इजाजत दी जाती है, तो वो अपनी संपत्ति की तरह बोर्ड का नुकसान करेंगे अगर उनकी यही अवधि मात्र तीन साल की होगी तो सभी जिम्मेदारीपूर्ण अपने कार्यो को निभाएँगे, इसलिए हम भारतीय क्रिकेट का भला चाहते है जिसके लिए हम इस फैसले में पहुँचे है.”

फैसला होना बाकि

यह पहली बार नहीं है कि जब बीसीसीआई और लोढा समिति आमने-सामने आई हो पूर्व में भी बीसीसीआई और लोढा समिति कई बार आमने-सामने आ चुकी है. बाहरल इस फैसले को बीसीसीआई ने कोर्ट में चुनौती दे दी है जिसके चलते अभी इस मुद्दे में फैसला होना बाकि है.

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