निदहास ट्रॉफी: श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर ने कहा, फाइनल में बांग्लादेशी टीम भारत को देगी कड़ी टक्कर

Devesh Jha / 18 March 2018

निदहास ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला आज भारत और बांग्लादेश के बीच श्रीलंका के कोलंबों में खेला जाएगा। इस सीरीज में मेजबान श्रीलंका की टीम बाहर हो चुकी है। बांग्लादेश की टीम ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए श्रीलंका को लगातार दोनों टी-20 मैचों में हराकर फाइनल में पहुंच गई। वहीं भारतीय टीम ने पहला मैच तो श्रीलंका के खिलाफ हारी थी लेकिन उसके बाद बांग्लादेश और श्रीलंका दोनों को हराकर बिना किसी मसुीबत के फाइनल तक का सफर तय कर दिया।

श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट रसेल अरनोल्ड ने ईएसपीएन से बात करके हुए कहा कि,

“भारतीय टीम ने अपने सीनियर खिलाड़ियों के बिना भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया है.”

उन्होंने कहा कि,

“भारतीय बल्लेबाजी में अभी भी रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे खिलाड़ी जो अकेले ही किसी भी गेंदबाजी लाइन-अप की दशा बिगाड़ सकते हैं.”

रसेल ने कहा कि,

“निदहास में खेलने वाली भारतीय गेंदबाजी कुछ नई है लेकिन आईपीएल में खेलने की वजह से नए गेंदबाजों को भी ऐसी परिस्थितियों के बारे में मालूम है। मैं मानता हूं कि भारत की यह टीम उनकी ताकत नहीं है लेकिन फिर भी इन खिलाड़ियों में काफी टेलेंट हैं.”

वाशंग्टिन सुंदर के बारे में बोलते हुए पूर्व श्रीलंकन खिलाड़ी ने कहा कि,

 “मैं उनकी परिपक्वता से काफी प्रभावित हूं। उनकी गेंदबाजी देखकर नहीं लगता कि वो एक युवा खिलाड़ी है। वो मैदान पर बल्लेबाज का दिमाग पढ़ते हैं और फिर अपनी गेंद की लाइन-लेंथ बनाते हैं। सुंदर ने अंडर-19 में राहुल द्रविड की कोचिंग में क्रिकेट की कला सीखा है जिसका असल साफ तौर पर देखा जा सकता है.”

बांग्लादेश टीम के बारे में श्रीलंका के पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि,

“वाकई में बांग्लादेश के क्रिकेट में काफी सुधार आ गया है। उनकी टीम अब पुरानी टीम जैसी नहीं रही है। बांग्लादेश के टीम में काफी खिलाड़ी ऐसे हैं जो काफी सालों से क्रिकेट खेल रहे हैं, इसलिए उनकी टीम में अनुभव काफी है। जिसका फायदा उन्हें मिल रहा है.”

भारत-बांग्लादेश के बीच होगा शानदार मैच

भारत और बांग्लादेश के बीच फाइनल मुकाबले के बारे में रसेल ने कहा कि,

“भारत को बांग्लादेश को हराने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। शाकिब-उल-हसन और रुबेल भारत के खिलाफ परेशानी बन सकते हैं। बांग्लादेश की टीम काफी अच्छा क्रिकेट खेल रही है और उसे हल्के में लेने की भूल भारतीय टीम कभी नहीं करेगी.”