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टीम इंडिया को मिल गया है तीनो फॉर्मेट में एक सम्पूर्ण “ऑल राउंडर” 

टीम इंडिया को मिल गया है तीनो फॉर्मेट में एक सम्पूर्ण “ऑल राउंडर”

ऑस्ट्रेलिया-भारत के बीच खेली जा रही 4 टेस्ट मैचो की गावस्कर-बॉर्डर ट्राफी में भारतीय आल-राउंडर रवीन्द्र जडेजा ने अपने प्रदर्शन से बेहद प्रभावित किया हैं, जिसके बाद जडेजा का कहना है, कि वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं.

ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सीरीज में 25 विकेट और दो अर्धशतक लगाने के बाद जडेजा ने महसूस किया, कि उनके कंधे ‘ऑटो मोड’ पर है.  विडियो : 8.3 ओवर पर भुवनेश्वर ने डाली सदी की सर्वश्रेष्ठ गेंद, चकमा खा पवेलियन पहुँचे ऑस्ट्रेलियाई कप्तान

तीसरे दिन के खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कहा, “मुझे अच्छा लग रहा है, कि मैं टेस्ट मैचों में अच्छा कर रहा हूँ. मैंने पहले एक-दिवसीय में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन इस साल मैंने टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है. इसलिए मैं अब संतुष्ट हूँ, कि मैं दोनों  प्रारूपों के लिए उपयुक्त हूँ.”

“इससे आपका विश्वास स्वाभाविक रूप से बढ़ता है और अब मैं खुद को टेस्ट क्रिकेट फॉर्मेट के खिलाड़ी के रूप में बेक कर सकता हूँ, और मेरे कंधे ‘ऑटो मोड’ पर है, सब कुछ ऑटोमेटिकली हो रहा है.”

दवाब की स्थिति में टेस्ट क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से जडेजा बेहद ख़ुश हैं. विडियो : 87 वें ओवर में जडेजा ने राजपुताना स्टाइल में दिया मैथ्यू वेड को स्लेजिंग पर करारा जवाब

जडेजा ने कहा, “यहाँ परिस्थितियां बेहद मुश्किल थी, क्यूंकि गेंद तेज गति से आ रही थी और उछाल भी ले रही थी. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज़ 140 किलोमीटर प्रति घन्टे के गति से गेंद डाल रहे थे. मैंने आज महसूस किया, कि क्यों लोग टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों के बारे में बात किया करते हैं.”

भारतीय ऑल-राउंडर जडेजा ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, कि ‘मैन ऑफ द मैच’ और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बनने से महत्वपूर्ण है, कि आपको टीम के लिए उपयोगी खिलाड़ी माना जाए.

“मुझे अच्छा लगता है, कि लोग कहते हैं कि मैं इस टीम के जिम्मेदार खिलाड़ियों में से एक हूँ और खेल के सभी विभागों में किसी भी स्थिति में प्रदर्शन कर सकता हूँ.”

जडेजा का मानना ​​था, कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने भारतीयों की तरह अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन वे बहुत भाग्यशाली नहीं थे, क्योंकि बहुत सी गेंदें एज लगने के बाद गेप में गई.

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