एकमात्र ऐसे क्रिकेट अंपायर जो फुटबॉल विश्व कप में बना दिए गए रेफरी

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दुनिया का एकलौता अम्पायर जिसने क्रिकेट और फीफा विश्वकप दोनों में निभाई मैच रेफरी की भूमिका 

दुनिया का एकलौता अम्पायर जिसने क्रिकेट और फीफा विश्वकप दोनों में निभाई मैच रेफरी की भूमिका

फीफा वर्ल्ड कप का लुफ्त इस समय पूरी दुनिया में उठाया जा रहा है. रूस में चल रहा यह 21वां फीफा वर्ल्ड कप है. खेले जा रहे विश्व कप में अभी तक कई रिकॉर्ड बन चुके और कई टूट चुके हैं. अभी यह कह पाना काफी मुश्किल है कि कौन सी टीम ख़िताब की प्रबल दावेदार है.

वैसे तो क्रिकेट और फुटबॉल का आपस में कोई मेल नही है. दोनों ही खेल अलग हैं. दोनों के नियम भी अलग-अलग हैं. ऐसे में अगर कोई क्रिकेट अंपायर फुटबॉल में रेफरी बना दिया जाए, तो ये बात किसी को समझ नही आएगी.

मगर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ऐसा हो चुका है. वो भी किसी सामान्य फुटबॉल मैच में नही बल्कि फुटबॉल विश्व कप के एक क्वालीफायर मैच में मशहूर क्रिकेट अंपायर को फुटबॉल रेफरी बना दिया गया था.

ये हैं वो एक मात्र अंपायर और रेफरी

दुनिया का एकलौता अम्पायर जिसने क्रिकेट और फीफा विश्वकप दोनों में निभाई मैच रेफरी की भूमिका 1

यह शख्स कोई और नहीं बल्कि मशहूर क्रिकेट अंपायर स्टीव बकनर हैं. वह इकलौते ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने क्रिकेट वर्ल्ड कप में अंपायरिंग और फुटबॉल वर्ल्ड कप में रेफरी बने हों. यह यादगार लम्हा 1990 वर्ल्ड कप के एक क्वॉलीफॉयर मैच का है जब उन्हें रेफरी बनाया गया था.

1990 विश्व कप के लिए 1988 में सेल्वेडर और नीदरलैंड के विरुद्ध क्वॉलीफॉयर मैच खेला गया. जिसमें बनकर को रेफरी बना दिया गया था. वहीं इसके ठीक चार साल बाद 1992 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जब बकनर को अंपायरिंग का मौका मिला तो उनके नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया.

अगर आप क्रिकेट से खासा लगाव रखते हैं और आपने सचिन तेंदुलकर के दौर को देखा है, तो याद होगा स्टीव बकनर वहीं अंपायर हैं जिन पर भारतीय बल्लेबाजों को जानबूझकर आउट देने के आरोप लगे थे. सचिन तेंदुलकर को लेकर दिए गए फैसले आधे से ज्यादा विवादित रहे.

करियर के शुरुआती दिनों में रह चुके थे रेफरी

दुनिया का एकलौता अम्पायर जिसने क्रिकेट और फीफा विश्वकप दोनों में निभाई मैच रेफरी की भूमिका 2

 

बकनर का जन्म 31 मर्इ 1946 को जमैका में हुआ था. जानकर हैरानी होगी कि बनकर ने कभी क्रिकेट नहीं खेला. जबकि स्कूली दिनों में वह फुटबॉल खेला करते थे. यही वजह है कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें फुटबॉल मैच में रेफरी बनने का मौका मिला था. वहीं बाद में उन्होंने क्रिकेट की तरफ रुख किया और एक मशहूर अंपायर बने.

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