अगले विश्वकप में खेलेंगी सिर्फ 10 टीमें: आईसीसी

क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले ब्रांड एम्बेसेडर सचिन तेंदुलकर सहित दुनिया के कई दिग्गजक्रिकेटरों की अगले विश्वकप के लिए टीमों की संख्या को बढ़ाने की मांग कोखारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने एक बार फिर दोहरायाहै, और साफ़ साफ़ बोल भी दिया है कि 2019 के टूर्नामेंट में 10 टीमें ही खेलेंगी।

और हाल ही मैं हो चुके सभी मौजूदाविश्वकप में काफी देश आयरलैंड, अफगानिस्तान, यूएई और स्काटलैंड एसोसिएट टीमों के तौरपर टूर्नामेंट का हिस्सा बनी थी, और उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सभीको प्रभावित और दिल खुश कर दिया  किया था। और इस बार बहुत कुछ गड़बड़ होने पर और इन टीमों के हाथों कुछ बड़ी टीमों का उलटफेर काशिकार बनने के बावजूद आईसीसी का मानना है, कि वह अगले विश्वकप में टीमों कीसंख्या को कम करने के अपने फैसले पर बना रहेगा जो की शायद सब के लिए अच्छा रहेगा।

डेव रिचर्डसन जो की आईसीसी के मुख्यकार्यकारी है उन्होंने कहा कि विश्वकप 2019 में भले ही टीमों की संख्याको लेकर लिया गया निर्णय बिलकुल अटल या पत्थर की लकीर नहीं है और इस वर्ष तक उसकी फिर सेबात चित और सोचा भी जा सकती है, लेकिन फिलहाल हम अभी कुछ भी बदलाव करने की मूड में नहीं है हमारे इस निर्णय में किसी तरह काबदलाव होने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

 उन्होंने कहा कि हमने अपनानिर्णय सोच समझ कर ले लिया है और अगले विश्वकप में हम 10 टीमों के साथ मैदान में उतर सकते हैं।हमने विश्वकप क्वालिफायर के स्तर को भी बढ़ाने का सोचा है, यदि क्वालिफाई करने वालीटीमों की संख्या में भविष्य में किसी और वजह से कोई परिवर्तन करने का कोई फैसला किया जाता है तो इसकासीधा और साफ़ साफ़ असर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट पर पड़ेगा। और साथ ही में काफी चीजे लेकर साथ में चलनी होगी हमें इस मामले में व्यावसायिकनजरिये को भी देखना होगा। और जनता को साथ में देखते हुए हमें एसोसिएट मैचों में उपस्थिति को भी देखने कीजरूरत होगी कि वहां कितने दर्शक आते हैं और इसका क्या असर होता है।

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा, कि मुझे लगता है कि हमें इस बात परजरुर और स्पष्ट चर्चा करनी चाहिए की हम एसोसिएट सदस्य टीमों को विश्वकप के लिए क्वालिफाईकरने में क्या भूमिका निभा रहे हैं, या निभा सकते है । चाहे आठ टीम हो या 10 या 14 जरूरी हैपर उसे कहीं ज्यादा जरुरी है की हमने कितना विकास और तरकी किया है।

 पर सचिन के विचार कुछ और ही करने का है उन्होंने ये कहा, कि विश्वकप में ज्यादा टीमों कोखेलने की हिमायत करते हुए कहा था, कि 10 टीमों का विश्वकप करने से इस खेलको वैश्विक रूप देने की योजना को धक्का लगेगा और और मुझे लगता है, कि यह पीछे हटने वाला कदमहोगा। उनके अपने विचार के हिसाब से उन्होंने अगला विश्वकप 25 टीमों का करने का सुझाव तक दे डाला था।न्यूजीलैंड के पहले रह चुके कप्तान मार्टिन क्रो ने 18 टीमों का अगला विश्वकपकराने का एक ब्लूप्रिंट ही बना दिया था। लेकिन उन सबकी एक भी न चल पाई और आईसीसी ने इन तमामसुझावों को दरकिनार कर दिया है।

 

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