श्रीलंका

पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच 27 सितंबर तीन टी 20 मैचों की सीरीज और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जाने वाली है। सीनियर श्रीलंकाई प्लेयर्स सहित 10 खिलाड़ियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया है। सीनियर खिलाड़ियों के इस तरह दौरे से इनकार करने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

10 खिलाड़ियों ने वापस लिया पाकिस्तान टूर से नाम

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श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को यह चुनने की स्वतंत्रता दी थी कि वे पाकिस्तान की यात्रा करना चाहते हैं या नहीं। ट्वेंटी 20 के कप्तान लसिथ मलिंगा और पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और थिसारा परेरा सहित कुल 10 खिलाड़ियों ने  सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान की यात्रा न करने का फैसला किया है।

सीनियर खिलाड़ियों के मना करने के बाद पीसीबी ने व्यक्त की प्रतिक्रिया

श्रीलंकाई खिलाड़ियों के पाकिस्तान आने से मना करने के बाद पीसीबी ने कही ये बात 1

पाकिस्तान के लिए यह दौरा बहुत अहम है। असल में 2009 के बाद से कोई भी विदेशी टीम पाकिस्तान आने से परहेज करती है। लेकिन श्रीलंका के सीनियर खिलाड़ियों द्वारा मना करने के बाद पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा,

“हम समझते हैं कि श्रीलंकाई बोर्ड जिस स्थिति का सामना कर रहा है और हम जानते हैं कि वे अपने किसी भी खिलाड़ी को दौरे पर आने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, भले ही यह दौरा हमारे लिए कितना भी जरूरी हो।

अगर यह दौरा सफल नहीं होता है, तो जरा सोचिए कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड या यहां तक ​​कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड भी पाकिस्तान में ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप मैच खेलने के लिए सहमत नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा कि श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम इस महीने से पाकिस्तान का दौरा करेगी और बोर्ड के लिए यही मायने रखता है।

2009 में श्रीलंकाई टीम पर हुआ था आतंकवादी हमला

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2009 में पाकिस्तान के लाहौर स्थित गद्दाफी स्टेडियम के बाहर श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर आतंकवादियों ने राइफल और ग्रेनेड से हमला कर दिया था। इस हमले में 8 पाकिस्तानी पुलिस कर्मियों की मौत हो गयी थी और 6 श्रीलंकाई खिलाड़ी घायल हो गये थे। जिसके बाद खिलाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर फौरन पहुंचाया गया था। इसके बाद से कोई भी विदेशी टीम व खिलाड़ी पाकिस्तान जाने से कतराते हैं।