पार्थिव पटेल के संन्यास पर बोले उनके पहले कप्तान सौरव गांगुली, जमकर की उनकी तारीफ 1

2002 में इंग्लैंड के खिलाफ़ भारत के लिए 17 साल की उम्र में ही डेब्यू करने वाले बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की  घोषणा कर दी है. पटेल ने भारत के लिए अपने करियर में कुल 25 टेस्ट, 38 वन-डे और 2 टी20 खेले हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 6 अर्धशतक हैं जिसमें रावलपिंडी में ओपनिंग करते हुए उनकी 69 रन की पारी भी शामिल है. उनके संन्यास पर पूर्व भारतीय कप्तान और फिलहाल बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.

शुरु से ही पार्थिव एक टीम-मैन थे – सौरव गांगुली

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सौरव गांगुली ने ओपनर बल्लेबाज़ के संन्यास के बाद अपनी राय रखते हुए पार्थिव पटेल की भूमिका के बारे में बात करते हुए कहा कि,

“पार्थिव भारतीय क्रिकेट के लिए एक शानदार एंबेसडर रहे हैं. वो हमेशा से एक टीम-मैन थे, मुझे खुशी है कि 17 वर्षीय पार्थिव के डेब्यू के दौरान मैं बतौर कप्तान उनके साथ खेला. उन्होंने अपनी लगन और मेहनत की बदौलत अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त ख्याति कमाई है. मैं पार्थिव को उनके शानदार क्रिकेट करियर के लिए बधाई देता हूँ और उनके बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ. रणजी ट्रॉफ़ी फ़ाइनल में गुजरात की जीत में पटेल ने जो शानदार प्रदर्शन किया वो गुजरात क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा.”

शानदार रहा पार्थिव का फ़र्स्ट-क्लास करियर

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35 वर्षीय पार्थिव पटेल ने अपने करियर में 194 फ़र्स्ट-क्लास मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 27 शतक और 62 अर्धशतक के साथ कुल 11,240 रन  बनाए हैं. इसके अलावा विकेट-कीपिंग में भी पार्थिव ने 486 कैच और 77 स्टंपिग्स की हैं. पार्थिव ने घरेलू क्रिकेट में गुजरात के लिए शानदार क्रिकेट डिलीवर की है. इस दौरानिये में एक रणजी ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के दौरान उनके बेहतरीन नेतृत्व और बल्लेबाज़ी क्षमता के दम पर गुजरात को रणजी ट्रॉफ़ी जिताई थी.

जय शाह और अरुण धूमल ने भी दी बधाई

बीसीसीआई सचिव जय शाह

गांगुली के अलावा बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने भी पार्थिव पटेल की तारीफ़ करते हुए कहा कि,

“पार्थिव ने क्रिकेट को हमेशा एक जुनून के साथ खेला. इसके अलावा उन्होंने भारतीय टीम के लिए काफ़ी उम्दा दर्जे की क्रिकेट खेली है. घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन नई नस्ल के क्रिकेटर्स को भी काफ़ी प्रेरित करेगा. गुजरात को 2016-17 में उसकी पहली रणजी ट्रॉफ़ी दिलाने में पार्थिव के योगदान को बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. बीसीसीआई पार्थिव को उनके शानदार करियर और भारतीय क्रिकेट में  उनके योगदान के लिए बधाई देता है”

सचिवऔर अध्यक्ष के अलावा बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने भी पार्थिव के क्रिकेट करियर के बारे में अपनी बात रखते हुए कहा कि,

“एक नौजवान लड़के के तौर पर डैब्यू करने से लेकर नई पीढ़ी को क्रिकेट सिखाने तक पार्थिव ने एक लंबा सफ़र तय किया है. मैं पार्थिव को भारतीय टीम, गुजरात की घरेलू टीम और आईपीएल में शानदार क्रिकेट करियर के लिए बधाई देता हूँ और उनके बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ.”

Umesh Sharma

Everything under the sun can be expressed in written form. So, I am practicing the same since the time I hold my consciousness and came to know pen and paper. Apart from being Writer, Journalist or...