इन 5 खिलाड़ियों ने करियर खत्म होने के बाद की शानदार वापसी

SAGAR MHATRE / 23 December 2015

खेल एक ऐसी जगह है, जहां अपने आपको साबित करने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिलते. भारत में क्रिकेट काफी बडा खेल है, और भारत में खिलाडियों की कमी नहीं है. लेकिन ऐसे कई खिलाडी रहे है, जिनका करियर लगभग खत्म ही हुआ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, और भारतीय टीम में वापसी की.

अब हम बता रहे है ऐसे ही पांच खिलाडी, जिनका करियर लगभग खत्म होने के बाद, उन्होंने भारतीय टीम में वापसी की थी:

1. आशीश नेहरा

आशिश नेहरा की भारतीय टीम में लगभग 4 साल बाद वापसी हुई है. नेहरा ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2011 के विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मैच खेला था. लेकिन उसके बाद वे चोटिल हुए थे, और उनको भारतीय टीम में नहीं लिया गया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, और आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके भारतीय टी ट्वेंटी टीम में अपनी जगह बनाई. नेहरा अब 36 साल के है, और ये उनका आखिरी मौका हो सकता है.

2. युवराज सिंह

युवराज सिंह भारत के सबसे बडे मैच विनर रहे है. उनके कारण ही भारत ने 2007 का टी ट्वेंटी विश्वकप और 2011 का वनडे विश्वकप जीता था. उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2014 में श्रीलंका के खिलाफ टी ट्वेंटी विश्वकप का फाइनल खेला था. उसके बाद से युवराज को भारतीय टीम में मोका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने प्रथम श्रेणी मैचों में अच्छा प्रदर्शन करके एक बार फिर से भारतीय टीम में वापसी की है.

3. हरभजन सिंह

हरभजन सिंह भारत के बडे महान स्पिनर रहे है. 2013 के बाद से उनको भारतीय टीम से बाहर निकाल दिया था, लेकिन उन्होंने आईपीएल और अन्य प्रथम श्रेणी मैचों में कमाल का प्रदर्शन करके इस साल भारतीय टीम में वापसी की है. वापसी के बाद उनका प्रदर्शन भी ठीकठाक रहा है, और ये उनका आखिरी मौका हो सकता है.

 

4. सौरव गांगुली

सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट का दादा कहा जाता है. वे भारत के सफल कप्तान थे, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की सोच बदली. 2005 में गांगुली को भारतीय टीम से निकाला था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, और ऐसी वापसी की, की सभी अपनी उंगलियां चबाते रहे. उन्होंने संन्यास लेने तक कमाल का प्रदर्शन किया, और उन्हें कमबैक किंग कहा जाने लगा.

5. मोहिंदर अमरनाथ

मोहिंदर अमरनाथ भारत के एक बडे खिलाडी थे. उनको भारतीय टीम से काफी बार अंदर बाहर किया गया है. लेकिन जब जब उन्होंने वापसी की, तब तब उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. वे 1983 विश्वकप सेमीफाइनल और फाइनल में भारत के हिरो रहे थे. और उनको वापसी करने वाला खिलाडी जाना जाता था.

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