खिलाड़ियों को दुविधा में न रखे यही हमारी प्राथमिकता है : एमएसके प्रसाद | Sportzwiki Hindi

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

खिलाड़ियों को दुविधा में न रखे यही हमारी प्राथमिकता है : एमएसके प्रसाद 

खिलाड़ियों को दुविधा में न रखे यही हमारी प्राथमिकता है : एमएसके प्रसाद

भारतीय टीम की चयनसमिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने जब से इस पद को संभाला है, उन्होंने कई कड़े फैसले लिए है. गौतम गंभीर और पार्थिव जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का वापस आना उन्ही कठिन निर्णय में से एक है. इतना ही नहीं साथ ही हार्दिक पंड्या को टेस्ट टीम में मौका दिया गया यह फैसला भी काफी बड़ा था.

नए चयनकर्ताओं की अंतर्राष्ट्रीय अनुभव को लेकर काफी आलोचना की गयी थी. लेकिन उस सब का इस चयन समिति पर कोई असर नहीं पड़ा, एमएसके प्रसाद ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में दिए बयान में बताया, कि अनुभव की कमी का क्या भूमिका रही. साथ ही उन्होंने बताया कि वह बड़े खिलाड़ियों के साथ किस तरह उन्हें किसी भी दुविधा से दूर रखने का प्रयास कर रहे है.

यह भी पढ़े : हमेशा अपने शांत स्वभाव की वजह के लिए जाने जाने वाले गंभीर ने युवराज कों शादी के बाद दी चेतावनी

एमएसके प्रसाद ने बताया, कि

“मैंने जो सुना है, कुछ पूर्व दिग्गज क्रिकेटर से वो यह है, कि उन्हें नहीं पता वो कहा है. क्या उन्हें अब भी टीम के लिए देखा जा रहा है, या नहीं. तो हमने सबसे पहली चीज़ यही की, कि हमने सभी खिलाड़ियों से कह दिया, कि जब तक आप सन्यास नहीं ले लेते आप टीम में आ सकते है. किसी युवा खिलाड़ी को यह कहना, कि आप जल्द टीम में आ सकते है काफी आसन रहता है, लेकिन किसी बड़े खिलाड़ी को यही बात कहना बहुत मुश्किल हो जाता है.”

प्रसाद ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा, कि

यह भी पढ़े : इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज़ हसीब हमीद ने बांधे विराट कोहली की तारीफों के पुल

“हमने बड़े खिलाड़ियों, जैसे गौतम गंभीर, युवराज सिंह और शिखर धवन से बातचीत की और उन्हें बताया, कि किस वजह से उन्हें टीम से बाहर किया गया है, जो शायद उन्हें नहीं पता था. प्रदर्शन सबसे बड़ा मापदंड है, और अगर उनके प्रदर्शन में गिरावट आई होगी तो उन्हें पता होगा, लेकिन अगर और कोई कारण है, जैसे फिटनेस, फील्डिंग के स्तर में गिरावट या फिर मौजूदा समय की फील्डिंग के हिसाब से फिट न होना, यह सब हम उन्हें बता देतें है, न कि उन्हें इस दुविधा में रखना, कि मुझे टीम में जगह क्यों नहीं दी गयी.”

अंत में जब प्रसाद से ऋषभ पंत के बारे में सवाल किया गया, तो इस पर प्रसाद का कहना था,

“मैंने ऋषभ पंत से काफी लम्बी बात की और उन्हें पूरा रोडमैप समझाया, और साथ ही मैंने उन्हें पूरी तरह से यह भी समझाया, कि अभी वो कहा है, वो कहा जा सकते है और उसके लिए उन्हें क्या करना होगा. बाकी युवा खिलाड़ियों के लिए भी यही नियम है, जैसे दीपक हूडा या प्रियंक पांचल.”

Related posts