पृथ्वी शॉ ने टीम में चयन पर कहा, मेरा काम सिर्फ रन बनाना

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पृथ्वी शॉ ने भारतीय टीम में चयन पर कहा, मेरा काम सिर्फ रन बनाना 

पृथ्वी शॉ ने भारतीय टीम में चयन पर कहा, मेरा काम सिर्फ रन बनाना

भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने मैदान पर वापसी कर ली। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में असम के खिलाफ हुए मैच में मुंबई के लिए उन्होंने सलामी बल्लेबाजी की। इस मैच में उनके बल्ले से 39 गेंदों पर 63 रन निकले। उन्होंने भारत के लिए अक्टूबर 2018 में डेब्यू किया था। दो मैच के बाद चोट और फिर बैन की वजह से वह मुकाबला नहीं खेल पाए।

पृथ्वी शॉ ने दिया बयान

पृथ्वी शॉ

पृथ्वी शॉ चोटिल और बैन होने से पहले भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा थे। टेस्ट में रोहित शर्मा और मयंक अग्रवाल बेहतरीन सलामी बल्लेबाजी कर रहे हैं। टीम में चयन के बारे में पृथ्वी ने कहा कि उनका काम सिर्फ रन बनाना है। उन्होंने कहा

“मैं सिर्फ रन बनाता रहूंगा। यह सभी चयनकर्ताओं के बारे में है और वे क्या सोचते हैं। मेरा काम टीम के लिए रन बनाना और मैच जीतना है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा। मैं स्पष्ट रूप से परेशान था। प्रतिबंध लगने के बाद के पहले 20-25 दिनों तक, मैं समझ नहीं पा रहा था कि यह कैसे हुआ।”

कैसा गुजरा समय?

पृथ्वी शॉ

पृथ्वी शॉ ने बताया बैन लगने के बाद उनका समय कैसा रहा। वह लंदन चले गये और वहां अपना समय बिताया। 15 सितंबर तक उनके अभ्यास करने की अनुमति भी नहीं थी। बैन के दौरान का समय बताते हुए उन्होंने कहा

“मैं लंदन गया और वहां से बाहर गया क्योंकि मुझे 15 सितंबर तक अभ्यास करने की अनुमति नहीं थी। इसके बाद मैंने खुद को स्थिर किया और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बताते हुए कहा कि ये तीन महीने बीत जाएंगे। लेकिन प्रत्येक दिन कठिन था, यह लंबा हो रहा था। अभी सब अतीत है।”

राहुल द्रविड़ ने की मदद

पृथ्वी शॉ ने भारतीय टीम में चयन पर कहा, मेरा काम सिर्फ रन बनाना 1

पृथ्वी शॉ ने बताया कि मैदान पर वापसी करने में राहुल द्रविड़ ने उनकी मदद की है। एनसीए के राहुल द्रविड़ के पास वापसी से पहले शॉ ने ट्रेनिंग की। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा

“लंदन से लौटने के बाद, राहुल सर ने मुझे ट्रेनिंग के लिए एनसीए में बुलाया। राहुल सर के साथ फिटनेस पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया गया था। मुझे अपने सभी फिटनेस टेस्ट को पास करना था। नेट के दौरान अच्छे गेंदबाज उपलब्ध थे। कुलदीप यादव, भुवी (भुवनेश्वर कुमार) और वरुण आरोन की तरह, वहां थे। इसके अलावा, राहुल सर हमेशा मार्गदर्शन और मानसिक मुद्दों पर मदद की।”

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