वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप

इंग्लैंड में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए इंडियन टीम की 20 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. जबकि 4 खिलाड़ियों को स्टैंडबाय के तौर पर चुना गया है.

चेतन शर्मा वाली अगुवाई वाली चयनसमिति की ओर से जिस टीम का ऐलान किया गया है, इसमें 6 तेज गेंदबाजों के अलावा 4 स्पिनर्स को टीम में जगह मिली है. हालांकि इस टीम के चुने जाने के बाद से ही सवाल उठ रहे हैं.

जयदेव उनादकट को मिलनी चाहिए थी जगहः

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, पृथ्वी शा और हार्दिक पांड्या के टीम में चयन ना होने से क्रिकेट के दिग्गजों और फैंस ने सवाल उठाने चालू कर दिए हैं. टीम इंडिया के सिलेक्सन पर भारत की ओर से 4 टेस्ट खेलने वाले पूर्व तेज गेंदबाज डोडा गणेश ने सवाल उठाए हैं.

उन्होंने टीम के चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इंग्लैंड में 4 स्पिनर्स के साथ जाने की रणनीति को गलत ठहराया है. कर्नाटक के लिए 104 प्रथम श्रेणी मैचों में 365 विकेट चटका चुके तेज गेंदबाज डोडा गणेस ने कहा कि टेस्ट टीम का चुनाव आईपीएल के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए.

4 स्पिनर्स की जगह 1 और तेज गेंदबाज को शामिल करना थाः

टीम इंडिया के चयन पर उठे सवाल, क्रिकेट के पूर्व दिग्गज ने कहा इस खिलाड़ी को मिलनी चाहिए थी जगह 1

बल्कि ये पूरी तरह से खिलाडियों के प्रथम श्रेणी के क्रिकेट के प्रर्दशन के आधार पर किया जाना चाहिए जो नहीं हुआ है. उधर दूसरी ओर उन्होंने अपने दूसरे तर्क में एक तेज गेंदबाज के चयन को लेकर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले 4 से 5 सालों की बात की जाए जयदेव उनादकट ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रर्दशन किया है और वो भारत के सबसे तेज बेहतर गेंदबाज के रुप में उभरकर सामने आए हैं.

इंग्लैंड की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के साथः

टीम इंडिया के चयन पर उठे सवाल, क्रिकेट के पूर्व दिग्गज ने कहा इस खिलाड़ी को मिलनी चाहिए थी जगह 2

ऐसे में 4 स्पिनर्स के साथ इंग्लैंड जाने से अच्छा था कि चयनकर्ता एक और तेज गेंदबाज को ले जाते, जो कि जयदेव के रुप में बेहतर विकल्प के रुप में मौजूद था. गौरतलब है कि टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे की शुरुआत 18 जून से WTC फाइनल के साथ हो रही है.

ICC के इस इवेंट के इस फाइनल के बाद भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. जो 4 अगस्त से शुरु होकर 14 सितंबर तक चलेगी. टीम इंडिया का ये दौरा 3 महीने से अधिक का रहने वाला है.