कर्नाटक के रणजी चैंपियन कप्तान विनय कुमार इस टीम के लिए खेलेंगे रणजी सीजन

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कर्नाटक को दो बार रणजी खिताब दिलाने वाले विनय कुमार ने इस वजह से छोड़ा कर्नाटक का साथ,अब इस टीम में आएंगे नजर 

कर्नाटक को दो बार रणजी खिताब दिलाने वाले विनय कुमार ने इस वजह से छोड़ा कर्नाटक का साथ,अब इस टीम में आएंगे नजर

भारतीय की सबसे बड़ी घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी इतिहास में कर्नाटक के विनय कुमार एक बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। विनय कुमार ने कर्नाटक क्रिकेट के साथ 15 सालों की सेवा देने के बाद अब कर्नाटक क्रिकेट टीम का इस रणजी टूर्नामेंट में साथ छोड़ने जा रहे हैं।

कर्नाटक के दिग्गज रणजी खिलाड़ी विनय कुमार अब होंगे पुडुचेरी के साथ

कर्नाटक क्रिकेट टीम को लगातार दो बार अपनी कप्तानी में रणजी चैंपियन बनाने अनुभवी ऑलराउंडर वाले विनय कुमार अब अगले रणजी सीजन में कर्नाटक क्रिकेट टीम के लिए नहीं बल्कि पुडुचेरी टीम के साथ एक खिलाड़ी और  मेंटर के तौर पर जुड़ने जा रहे हैं।

कर्नाटक को दो बार रणजी खिताब दिलाने वाले विनय कुमार ने इस वजह से छोड़ा कर्नाटक का साथ,अब इस टीम में आएंगे नजर 1

कर्नाटक को लगातार दो बार 2013-14 और 2014-15 में रणजी खिताब अपनी कप्तानी में दिलाने वाले विनय कुमार अपने राज्य के खिलाड़ियों को मौका देने के लिए टीम का साथ छोड़ रहे हैं।

युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए छोड़ा कर्नाटक का साथ

सोमवार को बैंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में विनय कुमार ने ये बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि वो राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए रास्ता बनाना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने माना कि वो अभी भी कर्नाटक टीम के लिए सेवाएं दे सकते थे।

कर्नाटक को दो बार रणजी खिताब दिलाने वाले विनय कुमार ने इस वजह से छोड़ा कर्नाटक का साथ,अब इस टीम में आएंगे नजर 2

विनय कुमार ने कहा कि “कर्नाटक क्रिकेट के साथ ये मेरी यात्रा बहुत ही शानदार रही। मेरे लिए युवाओं को मौका देने के लिए ये सही समय है। मुझे याद है कि वेंकटेश प्रसाद ने मेरे लिए रास्ता बनाया था जब मैं 21 साल के रूप में टीम में आया था। अब मेरे लिए ये ऐसा ही समय आया है। मैं निश्चित रूप से कर्नाटक के लिए अपने क्रिकेट और फिटनेस को देखते हुए कुछ साल खेल सकता हूं, लेकिन मैं बड़ी तस्वीर को देख रहा हूं।”

पुडुचेरी टीम के साथ मेंटर और खिलाड़ी के रूप में जुड़े विनय कुमार

विनय कुमार ने अब तक 130 प्रथम श्रेणी मैचों में 459 विकेट हासिल किए हैं और साथ ही वो रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे सफलतम तेज गेंदबाजों में से एक रहे हैं। साथ ही कर्नाटक के लिए विनय कुमार ने 2004 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की और वो कर्नाटक के लिए सुनील जोशी(117 मैच) के बाद 106 मैच के साथ दूसरे सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं।

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विनय कुमार ने पुडुचेरी टीम के साथ जुड़ने को लेकर कहा कि

“मुझे कुछ सप्ताह पहले ही पुडुचेरी की तरफ से प्रस्ताव मिला था। जे अरुण कुमार( कर्नाटक के पूर्व कोच और पुडुचेरी के वर्तमान कोच) और मेरे बीच अच्छा तालमेल है। मैं कर्नाटक को मिस करने जा रहा हूं। मेरे लिए राज्य की टीम को छोड़ना मुश्किल है लेकिन सबकुछ खत्म होता है। पुडुचेरी अभी एक साल से ही खेल रही है और ये एक अच्छी चुनौती है। “

कर्नाटक के लिए पिछले रणजी टूर्नामेंट के अपने प्रदर्शन को लेकर विनय कुमार ने कहा कि

“पिछले सीजन का प्रदर्शन वास्तव में कारक नहीं था। विकेट का कॉलम भले ही ज्यादा ना दिखे लेकिन मैं थोड़ा दुर्भाग्यशाली था। लोग कह सकते हैं कि मैं 35 साल का हूं लेकिन मुझे ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ।”

कर्नाटक क्रिकेट के सचिन ने विनय कुमार को बताया महान खिलाड़ी

वहीं कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव आर सुधाकर राव ने विनय कुमार के जाने को बड़ा नुकसान बताने के साथ ही उनकी काफी तारीफ की। सुधाकर राव ने कहा कि” हमने एक महान खिलाड़ी खो दिया है।”

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“वो मैदान पर हर बार 200% देते हैं, वो चाहे उनकी बल्लेबाजी, गेंदबाजी या कैच हो। मुझे उम्मीद नहीं थी कि वो चले जाएंगे। लेकिन मुझे लहा कि वो केवल सीमित ओवर की क्रिकेट खेलना ही पसंद कर सकते हैं। वो युवाओं की प्रगति को रोकना नहीं चाहते थे। यही उनकी महानता है।”

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