अजिंक्य रहाणे ने अब बताया, 2017 में विराट कोहली की जगह क्यों दी गई थी कप्तानी 1

भारतीय टेस्ट टीम मौजूदा वक्त में शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ रही है। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। हालांकि भारत ने मार्च से कोई क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन फैंस क्रिकेटर्स के मैदान पर वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मगर इस बीच टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने 2017 में भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच में कप्तानी मिलने पर बात की है।

2017 में धर्मशाला टेस्ट में क्यों मिली थी कप्तानी?

अजिंक्य रहाणे

टीम इंडिया के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने 2017 ऑस्ट्रेलिया के साथ धर्मशाला में खेले गए टेस्ट मैच में कप्तानी करने का मौका मिला था। जहां उन्होंने टीम को जीत दिलाई। अब उस मैच में रहाणे को कप्तानी कैसे मिली थी। इस बारे में खुद रहाणे ने बताया,

“भारतीय टीम की कप्तानी मेरे लिए काफी खास थी, खासकर उस टेस्ट मैच में जो 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मैच था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं टीम की कप्तानी करूंगा। मुझे बताया गया कि मैच की पूर्व संध्या पर आपको सूचित किया जाएगा कि आप अगले मैच में टीम की कप्तानी कर सकते हैं, क्योंकि उस समय विराट कोहली का फिटनेस टेस्ट होना था।”

विराट कोहली ने बताया कप्तानी

2014 में महेंद्र सिंह धोनी के बाद से टीम की कमान महेंद्र सिंह धोनी के हाथों में सौंप दी। नियमित कप्तान विराट थे, लेकिन उनकी फिटनेस में समस्या होने पर रहाणे को कप्तानी दी गई थी। अजिंक्य रहाणे ने आगे बताया,

” इसलिए मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि मैं अगले मैच में कप्तान बनूंगा. लेकिन तब विराट कोहली ने मुझे सूचित किया कि आप कैप्टेंसी करेंगे, क्योंकि मैं पर्याप्त रूप से फिट नहीं हूं। अनिल भाई (कुंबले) तब कोच थे और उन्होंने मुझे यह भी बताया कि विराट नहीं खेल सकते इसलिए आप टीम का नेतृत्व करेंगे।”

भारत ने 2-1 से जीत ली थी सीरीज

अजिंक्य रहाणे ने अब बताया, 2017 में विराट कोहली की जगह क्यों दी गई थी कप्तानी 2

भारत को भारत की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज हराना मौजूदा वक्त में किसी भी धुरंधर टीम के लिए मुश्किल है। अब 2017 में जब भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज खेली गई, तो भारत रहाणे की कप्तानी में धर्मशाला टेस्ट में जीत दर्ज करते हुए सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमा लिया। इस जीत को याद करते हुए रहाणे ने कहा,

“वह क्षण मेरे लिए बहुत खास था और मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि मैं कप्तानी कर रहा हूं। सीरीज 1-1 से बराबरी थी और तब जाकर उसे 2-1 से जीतना कप्तान के रूप में अपने पहले मैच में मेरे लिए वास्तव में विशेष था।”