rahul dravid junior cricketers

टीम इंडिया इन दिनों साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही है और पहला मुकाबला जीतने के बाद 1-0 से सीरीज में बढ़त बना ली है। इस सीरीज के तुरंत बाद ही भातीय टीम को टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना है, जहां टीम के साथ उनके मुख्य कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) भी रहेंगे।

बता दें कि टीम इंडिया के दिग्गज राहुल द्रविड़ क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से ही कोचिंग से जुड़ चुके थे और उन्होंने अपने भीतर कई जूनियर खिलाड़ियों को कोचिंग की है। यहां तक की जब भी उन्हें मौका मिलता है वो जूनियर टीम को सिखाने के लिए पहुंच जाते हैं। ऐसा ही एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो कुछ बच्चो के साथ दिख रहे हैं।

नहीं छूटा जूनियर टीम से लगाव

राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से ही कोचिंग से जुड़ चुके थे। उन्होंने अपनी कोचिंग करियर में कई जूनियर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी है, और शायद यही वजह है कि उनका जूनियर खिलाड़ियों से लगाव नही छूट रहा है। जब भी मौका मिलता है वो जूनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताने पहुंच जाते हैं। ऐसा ही कुछ असम क्रिकेट अकाडमी में देखने को मिला।

असम क्रिकेट अकाडमी पहुंचे द्रविड़

असम क्रिकेट अकाडमी पहुंचे द्रविड़
असम क्रिकेट अकाडमी पहुंचे द्रविड़

भारतीय क्रिकेट टीम इनदिनों साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही है और इस सीरीज के बाद टीम की एक टोली टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना होगी तो वहीं दूसरी टोली साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज खेलेगी।

हालांकि दोनों ही टीमों के बीच पहला टी20 मुकाबला खेला जा चुका है, जिसमें भारत ने जीत दर्ज करने के साथ 1-0 से बढ़त बना ली है। दूसरा मुकाबला गुवाहटी में खेला जाने वाला है जिसके लिए दोनों ही टीमें गुवाहटी पहुंच चुकी है। इसी बीच टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) असम क्रिकेट अकाडमी पहुंचकर जूनियर क्रिकेटरों से मिले और उनके साथ समय बिताते दिखे।

जूनियर क्रिकेटरों के साथ शेयर किया अनुभव

भारत के लिए राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने कुल 164 टेस्ट मुकाबले खेलते हुए 52.31 की औसत से 13288 रन, वनडे में 344 मुकाबलों में 39.16 की औसत से 10889 रन और केवल 1 टी20 मुकाबले खेलकर 31 रन बनाए हैं।

वैसे देखा जाए तो भारतीय क्रिकेटरों के महान खिलाड़ियों में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का नाम लिया जाता है ऐसे में उनका क्रिकेट अनुभव युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। अक्सर ही देखा गया है कि राहुल द्रविड़ अपना समय निकाल कर जूनियर खिलाड़ियों से अपना अनुभव बांटते हुए दिखते हैं।