राहुल द्रविड़

कोई भी खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बनने के मौके को हाथ से नहीं जाने दे सकता। लेकिन आज सीओए अध्यक्ष विनोद राय ने इस बात का खुलासा किया है कि 2017 में अनिल कुंबले के बाद राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया की कोचिंग का ऑफर दिया गया था लेकिन राहुल ने उससे इनकार कर दिया था।

राहुल द्रविड़ बिताना चाहते थे परिवार के साथ वक्त

विनोद राय का बड़ा खुलासा इस वजह से राहुल द्रविड़ ने कर दिया था टीम इंडिया का कोच बनने से इंकार 1

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व दिग्गज खिलाड़ी राहुल द्रविड़ लाइमलाइट से दूर ही रहना पसंद करते हैं। हालांकि वह अपने काम को लेकर काफी अनुशासित रहते हैं। अबसीओए अध्यक्ष विनोद राय ने स्पोर्ट्कीड़ा के फेसबुक लाइव पर राहुल द्रविड़ से जुड़ी कई बातों पर प्रकाश डाला। राय कहा,

“राहुल द्रविड़ ने हमें सब कुछ साफ-साफ बता दिया था। उन्होंने कहा कि देखो मेरे दो बच्चे हैं जो बड़े हो रहे हैं। अगर मैं भारतीय टीम का कोच बना तो फिर मुझे टीम के साथ पूरी दुनिया में घूमना पड़ेगा। उसकी वजह से फिर मैं अपने बच्चों के ऊपर ध्यान नहीं दे पाउंगा, इसलिए मेरे हिसाब से मुझे घर पर ही रहना चाहिए और अपने परिवार को समय देना चाहिए। मेरे हिसाब से राहुल द्रविड़ ने जो कहा था वो जायज भी था।”

खुशी-खुशी ली थी एनसीए की जिम्मेदारी

राहुल द्रविड़ ने संन्यास के बाद भी भारतीय क्रिकेट में अपना योगदान देना खत्म नहीं किया। वह लंबे वक्त तक अंडर-19 व इंडिया ए के कोच रहे। इस दौरान उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को तैयार किया। द्रविड़ की ही कोचिंग में अंडर-19 टीम ने 2016 में अंडर-19 विश्व कप का फाइनल खेला था और 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में खिताब जीता था। अब विनोद राय ने आगे बताया,

“राहुल द्रविड़ इस वक्त एनसीए के हेड कोच हैं। जब उन्हें ये रोल दिया गया तो उन्होंने बड़ी ही विनम्रता से इसे स्वीकार कर लिया और इसको लेकर वो पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। मैं राहुल द्रविड़ का फैन हूं। वो काफी जमीन से जुड़े हुए आदमी हैं।”

जूनियर टीम के साथ बिजी थे द्रविड़

पृथ्वी शॉ

विनोद राय ने आगे बताया कि राहुल को अनिल कुंबले के बाद भारत के मुख्य कोच का ऑफर भी दिया था लेकिन वह जूनियर टीम के साथ काम करना चाहते थे। उन्होंने आगे कहा,

“कोचिंग के मामले में रवि शास्त्री, अनिल कुंबले और राहुल द्रविड़ तीनों ही काफी शानदार हैं। हमने राहुल द्रविड़ से भारतीय टीम की कोचिंग को लेकर बात की थी लेकिन उस वक्त वो जूनियर टीम के साथ बिजी थे।

उन्होंने एक रोडमैप तैयार कर लिया था कि टीम को कैसे आगे ले जाना है। वो काफी बेहतरीन काम कर रहे थे। वो जूनियर टीम के साथ ही उस वक्त काम करना चाहते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि अभी भी कुछ चीजें सुधारनी रह गई हैं और वे उसे पूरा करना चाहते थे।”