राहुल द्रविड़ ने शुभमन गिल को दिया था यह मूलमंत्र, जिसने उन्हें बना दिया भारत का अगला विराट कोहली 1

भारत के युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को विराट कोहली का उत्तराधिकारी माना जाता है। गिल अपने क्लासी शॉट्स और शानदार प्रदर्शन के लिए लगातार खबरों में बने रहते हैं। युवा बल्लेबाज गिल ने हाल ही में बताया कि उनके कोच रह चुके राहुल द्रविड़ ने उन्हें एक ऐसी सलाह दी जिसे वह कभी नहीं भुला सकते।

राहुल द्रविड़ के मूल मंत्र पर अमल करते हैं शुभमन गिल

शुभमन गिल

अंडर 19 टीम में राहुल द्रविड़ की कोचिंग के अंतर्गत खेल चुके शुभमन गिल ने बताया,

“राहुल सर अंडर-19 टीम के समय से मेरे कोच रहे हैं और इंडिया ए में भी उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया। एक सुझाव जो उन्होंने मुझे दिया था और वह हमेशा मेरे दिमाग में रहता है। असल में उन्होंने मुझसे कहा कि चाहें जो भी हो अपना स्वाभाविक खेल खेलना, जिससे तुम्हें सफलता मिली है, उसे कभी मत बदलना।”

गिल ने अपने कोच के लिए आगे कहा,

राहुल द्रविड़ ने शुभमन गिल को दिया था यह मूलमंत्र, जिसने उन्हें बना दिया भारत का अगला विराट कोहली 2

“द्रविड़ सर ने हमें बताया कि यदि हमें टेक्निकली और मजबूत होना सिखाया है, तो हम जो भी जरूरी बदलाव करते हैं वो हमारे बेसिक गेम के अंतर्गत ही होने चाहिए। उन्होंने हमें यह भी बताया कि अगर मैं अपना खेल बदलूंगा, तो ये स्वाभाविक नहीं रहेगा और हाथ में आई सफलता भी हाथ से निकल जाएगी। जब हम सर्वश्रेष्ठ विपक्षी टीम का सामना कर रहे होते हैं, तो उनका ध्यान हमेशा ही मानसिकता पर रहता है।”

वेस्टइंडीज ए के खिलाफ जीता मैन ऑफ द सीरीज का खिताब

राहुल द्रविड़ ने शुभमन गिल को दिया था यह मूलमंत्र, जिसने उन्हें बना दिया भारत का अगला विराट कोहली 3

वेस्टइंडीज ए मैचों में ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे गिल ने कहा,कि

‘‘उस सीरीज से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। मैं इस तरह की पारियों को दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ बड़े स्कोर में तब्दील करना चाहता हूं।’’

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि खबरों में बने रहने और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले गिल का जुड़ाव अभी भी जमीन से ही है। 19 वर्षीय इस खिलाड़ी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसके बारे में क्या कहा जा रहा है।

उन्होंने कहा,

‘‘मैदान से बाहर आने पर ही आपको पता चलता है कि लोग आपके बारे में क्या कह रहे हैं। मैदान पर उतरते ही वह यह सारे ख्याल दिमाग से निकाल देते हैं। और पूरा फोकस सिर्फ मैच जीतने पर  ही होता हैं।’’