संगकारा नहीं रणतुंगा है श्रीलंका क्रिकेट के सबसे प्रतिभावान खिलाड़ी: मुथैया मुरलीधरन

SAGAR MHATRE / 26 August 2015

कुमार संगाकारा का करियर समाप्त हुआ, और उन्होंने अपना नाम विश्व के महान बल्लेबाजों में शुमार कर लिया. श्रीलंका के लिए उनके रन प्रतिशत सबसे ज्यादा रहे. संगाकारा श्रीलंका के सबसे बडे बल्लेबाज बने, लेकिन श्रीलंकाई महान स्पिनर मुरलीधरन ने कहा है कि, खेल पर प्रभाव को देखा जाएं, तो संगाकारा की तुलना 1996 विश्वकप विजेता टीम के कप्तान, अर्जुन रणातुंगा से नहीं की जा सकती.

मुरलीधरन खुद सिर्फ श्रीलंकाई क्रिकेट में नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी उनका काम अतुलनीय है. उन्होंने कहा, रणतुंगा ने हमे विश्वास दिलाया की, हम विश्व स्तर पर हर टीम का मुकाबला कर सकते है. उनके वजह से ही, आज श्रीलंकाई क्रिकेट यहां है. और हाँ रणतुंगा ही श्रीलंका क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति है. मुरलीधरन ने ये बात, मांजरेकर और गावस्कर के साथ बातचीत में कहीं.

रणतुंगा के आने से पहले, श्रीलंकाई क्रिकेट कुछ खास नहीं कर रहा था, लेकिन रणतुंगा की शानदार कप्तानी की वजह से, श्रीलंकाई क्रिकेट को उस वक्त, अरविंदा डि सिल्वा, रॉय डियास, और दुलीप मेंडिस जैसे खिलाडी मिले.

उस जमाने में पहले वेस्टइंडीज, और फिर अॉस्ट्रेलिया क्रिकेट पर राज कर रहा था, और रणतुंगा के करियर की शुरूआत 1982 में हुई. रणतुंगा काफी शानदार और किसी ना डरने वाले कप्तान थे. उन्होंने इसकी झलक 1999 में एडिलेड में दिखाई थी, जब अंपायर ने मुरलीधरन को चकर कहके गेंदबाजी करने से रोका था, तब रणतुंगा मैदान से बाहर चले गये थे.

मुरलीधरन ने कहा, संगाकारा अच्छे है ही, लेकिन महेला श्रीलंका क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज थे. और डि सिल्वा, और जयसूर्या जैसे खिलाडियों की जगह लेना मुश्किल है.

रणतुंगा श्रीलंका के लिए पहला 100 वा टेस्ट खेलने वाले खिलाडी थे. लेकिन वनडे क्रिकेट में उनकी कप्तानी ने श्रीलंकाई क्रिकेट को बदल दिया. रणतुंगा ने ही, जयसूर्या को विश्व क्रिकेट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाया, तो मुरलीधरन को सबसे बेहतरीन स्पिनर.

रिटायर होने के बाद भी रणतुंगा काफी प्रसिद्ध है, और संगाकारा से भी वैसी ही उम्मीद है.

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