10 खिलाड़ी जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद नहीं मिला भारतीय टीम में मौका 1
Prev1 of 7
Use your ← → (arrow) keys to browse

टीम इंडिया इन दिनों तीनों फॉर्मेट्स में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है. घरेलू स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाकर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में जगह हासिल कर रहे हैं. इसके पीछे टीम के कप्तान व मैनेजमेंट का अहम योगदान है.

विश्व कप 2019 के बाद मुख्य कोच व सपोर्टिंग स्टाफ का कार्यकाल खत्म हो गया था. 2017 में टीम के मुख्य कोच बने रवि शास्त्री का भी कार्यकाल विश्व कप के साथ ही समाप्त हो गया. हालांकि रवि शास्त्री अपना कॉन्ट्रैक्ट नवीनीकृत कराने में सफल रहे.

उनके साथ ही गेंदबाजी कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर को भी टीम के साथ जोड़ा गया. लेकिन बल्लेबाजी कोच संजय बांगर की जगह विक्रम राठौर को बतौर बल्लेबाजी कोच टीम में शामिल किया गया.

क्या आप जानते हैं कि रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद कई खिलाड़ियों के क्रिकेट करियर खत्म हो गए और उन्हें दोबारा टीम में मौका नहीं दिया गया. तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं उन 10 खिलाड़ियों के बारे में जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद टीम में मौका ही नहीं मिल सका…

रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद इन खिलाड़ियों को नहीं मिला मौका

गौतम गंभीर

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हैं जिनमें टैलेंट होते हुए भी रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया।

10 खिलाड़ी जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद नहीं मिला भारतीय टीम में मौका 2

10 खिलाड़ी जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद नहीं मिला भारतीय टीम में मौका 3

इस खिलाड़ी के नाम वन डे इंटरनेशनल में 143 इनिंग्स में 39.68 के औसत और 85.25 की स्ट्राइक रेट से 5238 रन हैं। टेस्ट में 104 इनिंग्स खेलते हुए 41.95 के औसत और 51.40 की स्ट्राइक रेट से 8067 रन दर्ज हैं।

गंभीर ने अपना आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में लिया। वहीं आखिरी ओडीआई मैच 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। इस खिलाड़ी की प्रतिभा को नज़रअंदाज़ करते हुए टीम भारत की अंतर्राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला।

10 खिलाड़ी जिन्हें रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद नहीं मिला भारतीय टीम में मौका 4

जिसके बाद 4 दिसंबर 2018 को अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया। आपको बता दें, 2011 विश्वकप फ़ाइनल में उन्होंने सबसे ज़्यादा (97) रन बनाए थे और भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Prev1 of 7
Use your ← → (arrow) keys to browse