ऋषभ पंत के सपोर्ट में बोले सुनील गावस्कर

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सुनील गावस्कर ने कहा अगर मैं होता कप्तान तो ऋषभ पंत और केएल राहुल में से इन्हें देता मौका 

सुनील गावस्कर ने कहा अगर मैं होता कप्तान तो ऋषभ पंत और केएल राहुल में से इन्हें देता मौका

भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं. असल में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ खेली गई एकदिवसीय सीरीज में खेले गए पहले-दूसरे मैच में इंजरी के चलते विकेटकीपिंग नहीं कर सके. मगर तीसरे मैच में फिट होने के बाद भी कप्तान कोहली ने दस्ताने केएल राहुल को सौंपे. साथ ही कप्तान ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर भी केएल राहुल को बतौर विकेटकीपर इस्तेमाल करने की बात कही है.

सीमित ओवर क्रिकेट में पंत के साथ जाऊंगा

ऋषभ पंत

टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर बहस एक बार फिर गर्म हो गई है. इसी क्रम में दिग्गज सुनील गावस्कर ने ऋषभ पंत को बतौर विकेटकीपर टीम में शामिल किए जाने की बात प आज तक से कहा,

मैं सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऋषभ पंत के साथ जाऊंगा. अगर आपको नंबर 6 पर फिनिशर की जरूरत है तो ऋषभ पंत टीम के लिए ऐसा कर सकते हैं. साथ ही वह एक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप पर विचार करते हैं.

जहां हमारे पास शिखर धवन के रूप में केवल एक बाएं हाथ का बल्लेबाज है, इसलिए अगर हमारे पास शीर्ष क्रम में एक और बाएं हाथ का बल्लेबाज हो, तो यह होगा टीम के लिए फायदेमंद. इसलिए मैं ऋषभ पंत के साथ जाऊंगा.

केएल राहुल ने की अच्छी विकेटकीपिंग

सुनील गावस्कर ने कहा अगर मैं होता कप्तान तो ऋषभ पंत और केएल राहुल में से इन्हें देता मौका 1

मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में ऋषभ पंत के इंजर्ड होने के बाद कप्तान कोहली ने दस्तानों की जिम्मेदारी केएल राहुल को सौंपी. इस दौरे पर राहुल ने विभिन्न बल्लेबाजी क्रम पर बल्लेबाजी की और साथ ही पंत के इंजर्ड होने के बाद अपनी विकेटकीपिंग की प्रतिभा दिखाई.

असल में केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में विकेटकीपिंग ग्लव्स पहने थे. मगर राजकोट में खेले गए दूसरे मैच में उन्होंने जिस तरह से बिजली की रफ्तार से ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच की स्टंपिंग की, वाकई काबिल-ए-तारीफ था.

इसके बाद कप्तान कोहली ने मीडिया से बात करते हुए कहा, जहां तक ​​टीम संतुलन की बात है तो यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक है. यदि आप 2003 के विश्व कप को देखते हैं जहां राहुल द्रविड़ भाई ने विकेटकीपिंग की भूमिका निभाई थी. तो संतुलन अलग हो गया क्योंकि हम एक अतिरिक्त बल्लेबाज खेल सकते हैं और टॉप ऑर्डर के खिलाड़ी वास्तव में सकारात्मक क्रिकेट खेल सकते हैं.

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