ज़िम्बाब्वे जाने से पहले राबिन उथप्पा और केदार जाधव का बड़ा बयान

भारतीय टीम के बल्लेबाज रोबिन उथप्पा को खुशी है कि आखिर उन्हें शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में अपनी योग्यता साबित करने के लिये वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की पूरी सिरीज खेलने को मिल रही है। वह जिम्बाब्वे के आगामी दौरे में विकेटकीपर की भूमिका भी निभा सकते हैं।

कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने ओपन मीडिया सत्र में सवांवदाताओं से कहा, मैं बहुत उत्साहित हूं। पिछले कुछ वषरें से मुझे श्रृंखला के आखिर में केवल एक मैच खेलने को मिल रहा था। इसलिए मैं पूरी श्रृंखला मिलने से खुश हूं। मुझे लग रहा है कि वहां मुझे विकेटकीपिंग भी करनी पड़ेगी। टीम में मैं अकेला हूं जो घरेलू क्रिकेट में विकेटकीपिंग भी करता हूं।

उन्होंने कहा, विकेटकीपर होने के कारण आपको विकेट को करीब से जानने का मौका मिलता है। पिच कैसी है इसका अंदाजा लगाने के लिये विकेटकीपर को काफी जानकारी मिलती है। यह दौरा दस जुलाई से शुरू होगा जिसमें पहले तीन वनडे और फिर दो टी20 मैच खेले जाएंगे। वनडे टीम से अंदर बाहर होने वाले एक अन्य बल्लेबाज अंबाती रायुडु को भी उसी स्थान पर खेलने का मौका मिलेगा जहां वह पहले खेलते रहे हैं। वह इससे पहले 2013 में विराट कोहली की अगुवाई में जिम्बाब्वे दौरे पर जाने वाली टीम में भी शामिल थे।

रायडु ने उस दौरे के बारे में कहा, परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थी और गेंद स्विंग कर रही थी। क्रिकेट के लिहाज से वह अच्छा दौरा था। मितभाषी और शर्मीले स्वभाव के रायुडु ने कहा कि शीर्ष खिलाडयि़ों की अनुपस्थिति ने अन्य क्रिकेटरों के लिये अवसर पैदा किये हैं। उन्होंने कहा, मैं यही कहना चाहता हूं कि हमारी टीम अच्छी है। प्रत्येक अच्छी तरह से तैयार है और यह दौरा टीम के सभी खिलाडयि़ों के लिये अवसर उपलब्ध करायेगा।

केदार जाधव ने कहा कि उनके पास खुद को साबित करने का काफी अच्छा मौका है। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए लगातार रन बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का सर्वश्रेष्ठ मौका है। मेरी मानसिक मजबूती है कि जब भी मुश्किल स्थिति आती है तो मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं। उन्होंने कहा, मैं अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेलने को लेकर उत्साहित हूं। वह मेरा अच्छा मित्र है। मैं उसके साथ अपना अनुभव साझा करूंगा। टीम में नियमित विकेटकीपर नहीं होने के कारण महाराष्ट्र के जाधव विकेट के पीछे भूमिका निभाने को कहा जा सकता है लेकिन उन्होंने कहा, मौजूदा दौरे पर मैं विकेटकीपिंग के बारे में नहीं सोच रहा। मैं टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हूं। ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने कहा कि 10 साल रणजी ट्राफी में खेलने के बाद वह अपने खेल से अच्छी तरह वाकिफ हैं।

बिन्नी ने कहा, मैं दस साल से रणजी ट्रॉफी खेल रहा हूं। मुझे भूमिका निभानी है, एक गेंदबाज की जो छह से 10 ओवर फेंक सके और बल्लेबाजी भी कर सके। इस भूमिका को पूरा करने के लिए मैंने अपनी गेंदबाजी पर कड़ी मेहनत की है। आस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला में खेलने से काफी मदद मिली। बिन्नी ने कहा कि उन्हें बांग्लादेश में गेंदबाजी की शुरूआत करके काफी खुशी हुई क्योंकि अपने राज्य की टीम के लिए भी उन्होंने कभी ऐसा नहीं किया।

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