आरपी सिंह

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और 2007 टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य आरपी सिंह के पिता का कोरोना की वजह से निधन हो गया है. इस बात की सूचना आरपी सिंह ने ट्वीट कर दी है. उनके पिता शिव प्रसाद सिंह काफी दिन से बीमार चल रहे और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था.

आरपी सिंह ने पिता के निधन की दी जानकारी

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कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर आरपी सिंह के पिता शिव प्रसाद सिंह ने आज लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. आरपी सिंह ने ट्वीट करते हुए इस दुखद खबर की जानकारी दी. जिसके बाद फैन्स ने उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं.

आरपी सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,

‘बड़े दुख के साथ यह बताना पड़ रहा है कि मेरे पिता शिव प्रसाद सिंह का निधन हो गया है. कोराेना से संक्रमित मेरे पिता 12 मई को हम सबको छोड़कर चले गए. मैं आप सभी से यह निवेदन करता हूं कि उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआएं करें. ओम शांति ओम। रेस्ट इन पीस.’

कोरोना के चलते गई कई क्रिकेट खिलाड़ियों के पिता की जान

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कोरोना वायरस लगातार क्रिकेटरों और उनके परिवार वालों की जिंदगी ले रहा है. दो दिन पहले ही भारतीय क्रिकेटर टीम के अनुभवी लेग स्पिनर पीयूष चावला के पिता प्रमोद कुमार चावला का इस खतरनाक बीमारी की वजह से निधन हो गया था. पीयूष चावला के पिता पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती थे.

इससे पहले राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेले तेज गेंदबाज चेतन सकारिया के पिता का बीते रविवार को कोविड-19 की वजह से निधन हो गया. उनके पिता हाल ही में कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इससे कुछ महीने पहले सकारिया के भाई ने आत्महत्या कर ली थी. चेतन ने बीते 5 महीनों में अपने घर के दो सदस्यों को खो दिया.

आईपीएल के दौरान बीमार पड़े थे आरपी सिंह के पिता

आरपी सिंह

आईपीएल 2021 में आरपी सिंह हिंदी कमेंट्री पैनल का हिस्सा थे. पिता के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद आरपी सिंह आईपीएल को बीच में ही छोड़कर अपने घर रवाना हो गए थे.बता दें कि आरपी सिंह ने 2005 में वनडे और 2006 में टेस्ट में डेब्यू किया था. उन्होंने लगभग छह साल तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला.

पिछले कुछ वक्त से वे बतौर क्रिकेट एक्सपर्ट काम कर रहे हैं. उन्होंने क्रिकेट के सभी तीन फॉर्मेट में 82 मैच खेले और 100 से अधिक विकेट चटकाए। हालांकि, आरपी सिंह को सबसे ज्यादा 2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए याद किया जाता है. भारत के चैंपियन बनने में आरपी सिंह का अहम योगदान रहा था, जिसमें उन्होंने 7 मैचों में 12 विकेट चटकाए थे.