सचिनतेंदुलकर की आखिरी टेस्ट सीरीज कों लेकर प्रज्ञान ओझा ने किया बड़े खुलासे | Sportzwiki

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

सचिनतेंदुलकर की आखिरी टेस्ट सीरीज कों लेकर प्रज्ञान ओझा ने किया बड़े खुलासे 

सचिनतेंदुलकर की आखिरी टेस्ट सीरीज कों लेकर प्रज्ञान ओझा ने किया बड़े खुलासे

मुझे आज भी नहीं लगता कि सचिन पाजी को क्रिकेट से संन्यास लिए तीन साल हो गये हैं. हम सभी सचिन की बल्लेबाज़ी को देखकर ही बड़े हुए हैं और उन्हीं को देखकर हमनें क्रिकेट खेलना शुरू किया हैं. जब पाजी आखिरी बार मैदान पर खेलने उतरे थे, तब मैं काफी इमोशनल हो गया था.

प्रज्ञान ओझा ने कहा कि-

”जब मुझे पता चला कि यह सचिन पाजी की आखिरी टेस्ट सीरीज है. तब मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया. मैं बहुत खुश भी था और बेहद दुखी भी. खुश इसलिए था, क्योंकि मुझे आखिरी बार सचिन पाजी के साथ खेलने का मौक़ा मिल रहा था, जब हम कोलकाता टेस्ट मैच खेलने पहूँचे सभी के चेहरे पर यह साफ़ दुःख झलक रहा था कि सचिन पाजी संन्यास लेने वाले हैं.”

ओझा ने कहा कि-

”वह दो टेस्ट मुकाबलों की सीरीज टीम के सभी खिलाड़ियों के लिए बहुत ख़ास थी. क्योंकि हम सभी जानते थे, कि यह ऐतिहासिक श्रृंखला हैं और हम सभी इसका हिस्सा बनने जा रहे हैं. सीरीज शुरू होने से पहले से ही हमने और सभी ने सचिन पाजी के लिए बहुत कुछ ख़ास करने की योजना बना रहे थे.”

प्रज्ञान ओझा ने माना कि-

”चारों तरफ बस यही धूम मची हुई थी, कि सचिन के लिए उनकी आखिरी सीरीज में बहुत कुछ किया है. सभी उनकी अंतिम सीरीज सेलिब्रेट करना चाहते थे. सिर्फ बाहर के लोग ही नहीं बल्कि सभी टीम इंडिया के खिलाड़ी भी कुछ ऐसा करने को बेताब थे , जो हमेशा ही सबके जहन में बरकरार रहे.”

प्रज्ञान ओझा ने कहा कि-

”हमने कोलकाता टेस्ट की शुरुआत काफी जोरदार की थी. रोहित और शमी का डेब्यू भी यादगार था. टीम के बाकि सभी खिलाड़ी भी अपना 100 प्रतिशत देने के लिए बेताब थे और फिर सचिन पाजी का आखिरी मैच का वक्त आ गया. उस समय पूरी टीम अपने ऊपर काफी दबाव महसूस कर रही थी, क्योंकि वह पाजी का आखिरी मुकाबला था. इसलिए हम सभी अपने अपने ऊपर ज्यादा दबाव डाल चुके थे.”

ओझा के अनुसार-

”जब मैच शुरू हुआ, तब हम सभी का ध्यान खेल पर केन्द्रित हो गया. मैं भी उस टेस्ट में धीरे धीरे अपनी लय हासिल की और टीम के लिए बढ़िया विकेट लिए. मैं जानता था यह सबसे बढ़िया मौका हैं, इतिहास के पन्नो में अपना नाम दर्ज कराने का. टेस्ट मैच जीतने के लिए आपको 20 विकेट लेने पड़ते है और मैंने टीम के लिए 10 विकेट प्राप्त किये.”

Sportzwikihameprv_c270e_1479096139ओझा कहते है-

”हम सभी जानते थे. यह एक बहुत बड़ी टेस्ट सीरीज हैं और हमें यह जीतनी ही हैं. जब पाजी आखिरी बार बल्लेबाज़ी करने आये. वह पल मेरे लिए मेरी जिंदगी का सबसे ख़ास पल था, क्योंकि मैंने तब उन्हें आखरी बार बेहद करीब से खेलते देखा था. वो यादें मेरे साथ हमेशा रहेगी. सभी की यही इच्छा थी कि पाजी आपने आखरी टेस्ट में शतक मारे, लेकिन यह नहीं हो सका वो 74 रन बनाकर आउट हुए थे. सचिन पाजी ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो भी कुछ योगदान दिया. वह सचमुच अतुल्य हैं.”

आगे भारतीय स्पिनर ने बोला कि-

”जब पाजी संन्यास के बाद अपनी स्पीच दे रहे थे. तब पूरा भारत मानो रुक सा गया था. टीम के सभी खिलाड़ी उस वक़्त इमोशनल हो गये थे. उन्होंने अपनी जिंदगी के सभी बड़े और छोटे नामों को जिस तरह से धन्यवाद किया. वह एक ऐसा ही इंसान कर सकता हैं. जो जमीन से जुड़ा हुआ हो, वो वाकई में जीनियस हैं.”

आखिर में ओझा ने कहा कि-

”वो उस दिन दिल से सभी का शुक्रिया कर रहे थे. सभी को धन्यवाद दे रहे थे. मैं उस श्रृंखला का कोई भी पल नहीं भूल सकता. मेरे लिए एक एक लम्हा बहुत ख़ास हैं. मैं बहुत खुश हूँ,कि मुझे आखिरी बार सचिन पाजी के साथ खेलने को मिला.”

 

 

Related posts