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कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलने वाले सचिन ने अब धोनी के करियर पर दिया बड़ा बयान 

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलने वाले सचिन ने अब धोनी के करियर पर दिया बड़ा बयान

जैसे जैसे विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में शानदार कप्तानी कर रहें हैं, वैसे वैसे अब ये भी सवाल उठ रहें हैं, कि क्या वनडे और टी ट्वेंटी में भी विराट कोहली को कप्तान बनाना चाहिए? और महेंद्र सिंह धोनी से ये जिम्मेदारी छीननी चाहिए? सबसे महत्वपूर्ण बात ये हैं कि, विराट कोहली भविष्य में तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के कप्तान होंगे. लेकिन फिलहाल महेंद्र सिंह धोनी को खिलाड़ीयों और चयनकर्ताओं से सपोर्ट हासिल हैं.

हर खिलाड़ी को अपने करियर के अंत में ये सवाल जरूर पूछा जाता हैं कि, क्या अब भी आपमे क्रिकेट बाकि हैं? आप और कितना खेल सकते हो? ऐसे कई सवालों से हर खिलाड़ी को गुजरना पड़ता हैं. सचिन तेंदुलकर को भी इन सवालों से गुजरना पड़ा था. अब सचिन तेंदुलकर ने महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य पर बात की हैं.

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सचिन तेंदुलकर ने कहा, कि “उनका प्रदर्शन उम्र के हिसाब से नहीं गिनना चाहिए. मैनें एक आर्टिकल भी पढ़ा था जिसमे कहां गया था, क, टी ट्वेंटी क्रिकेट युवाओं का खेल हैं जो गलत हैं. ब्रैड हॉग 44 की उम्र में भी क्रिकेट खेल रहें हैं. मैनें 38 की उम्र में वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाया. फिटनेस कैसी हैं ये ज्यादा महत्वपूर्ण है. अगर खिलाड़ी फिट हैं और मानसिक तौर पर भी फिट हैं तो उसे कितना खेलना हैं ये खुद उसे तय कर देना चाहिए. वो खुद अपनी फिटनेस को दूसरो से बेहतर जानता हैं.”

सचिन तेंदुलकर के मुताबिक, महेंद्र सिंह धोनी को कब तक खेलना हैं ये खुद उन्हें तय करने दे. खिलाड़ी की उम्र ना देखे, वो कितना फिट हैं ये देखे.

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फिटनेस पर बात करते हुए सचिन तेंदुलकर ने विराट कोहली के फिटनेस की काफी तारीफ की.

सचिन तेंदुलकर ने कहा, कि “वो हमेशा जज्बे से खेलते हैं और खेल के प्रती समर्पित हैं. फिटनेस को विराट कोहली एक अलग लेवल पर लेकर गये हैं. अब का जनरेशन फिटनेस को लेकर काफी सख्त हैं, और ये सभी चीजें खेल को एक नयी ऊँचाई पर ले जाती हैं.”

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उन्होंने कहा, “इससे ये साफ पता चलता हैं, कि 90के दशक में खिलाड़ी कैसी अपनी फिटनेस पर ध्यान देते थे. और वैसा ही कुछ हाल 70के दशक में था. हमारे ड्रेसिंग रूम में पहली बार साल 2002 में लैपटॉप आया. ऐसी तकनीक धीरे धीरे आगें बढ़ी. फिर विदेशीं फिटनेस ट्रेनर और डॉक्टर ड्रेसिंग रूम में आने लगे. पहले के मुकाबले फिटनेस को लेकर सख्ती काफी बढ़ गयी हैं और अब जमाना बदल गया हैं.”

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उन्होंने आखिर में कहा, “फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण हैं और वो कोई भी खेल क्यों ना हो और आगें भी फिटनेस का महत्व और भी बढ़ेगा, हर खिलाड़ी को इसपर ध्यान देना होगा.”

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