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दक्षिण अफ्रीका में विराट एंड कंपनी से जीत की काफी सारी उम्मीदें लगाये बैठे हैं क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर

एक युवा भारतीय टीम इस साल की पहली बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हो गई है, ऐसे में बहुत सारे सवाल पूछने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, और सचिन तेंदुलकर से बेहतर कौन जवाब दे सकता है? तेंदुलकर ने सबसे मुश्किल क्रिकेट स्थलों में भी बहुत अच्छा क्रिकेट खेला हैं। इसी बीच सचिन ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया के एक इन्टरव्यू में सब कुछ बताया है कि मुश्किल पिचों पर कैसे खेला जा सकता हैं।

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विशेषज्ञों के सवालों पर सचिन ने कुछ ये जवाब दिए-

आपने दक्षिण अफ्रीका के सामने तब से क्रिकेट खेल रहे हैं जब वे अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने क्रिकेट में वापसी की थी, अफ्रीका की टीम हमेशा से ही चुनौती देने वाली टीम रही हैं।

तो इसके सवाल में सचिन ने कहा कि जब हम पहली बार दक्षिण अफ्रीका गए, तो हमें पता चला कि हमारे रास्ते में क्या समस्या आ रही हैं, हमें यह नहीं पता था। पहले गेम से ही हमें क्रिकेट के स्तर का एहसास हुआ जो वे बहुत अच्छा खेल रहे थे। उदाहरण के लिए, हम बोर्ड के राष्ट्रपति के इलेवन के खिलाफ खेले तो उससे हमारी आँखे खुल गयी थी। यहां तक ​​कि उनके दूसरे और तीसरे टीम ने भी इस तरह की विशाल क्षमता दिखायी। प्रत्येक स्तर उनके क्रिकेटर बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे।

तो ऐसा भी क्या कॉम्बिनेशन फैक्टर है, जो उनके लिए काम कर सकता है?

दक्षिण अफ्रीका के साथ यह बात सबसे अच्छी हैं कि ये हमेशा एक अद्भुत संतुलन बनाये रखते हुए अच्छा आनन्द लेते हैं। इस टीम में हरफनमौला क्रिकेटर अपना अलग ही किरदार निभाते हैं। और ऑलराउंडरों के द्वारा, मेरा मतलब यह नहीं है कि वो सिर्फ बल्ले और गेंद से ही कुछ करता हो। मेरे लिए, जॉन्टी रोड्स सबसे शानदार ऑलराउंडर क्रिकेटर हैं जो मैंने कभी क्रिकेट के मैदान पर खेलते हुए देखा है जब वह क्षेत्ररक्षण में आये थे। मैंने वर्षों में कई अच्छे फिल्डर देखे हैं जिसमें से पोंटिंग, गिब्स, कैलिस हैं लेकिन जॉन्टी कुछ अलग ही अंदाज के फिल्डर थे। तो इनके ऑलराउंडर सबसे ख़ास कोम्बिनेशन हैं।

जैक कालिस और मैकमिलन ऐसे क्रिकेटर रहे हैं जो किसी भी क्रिकेट टीम में अपनी जगह पक्की कर सकते थे आज साउथ अफ्रीका में उनके जैसे खिलाड़ी नहीं है।

जैक कालिस ऐसे क्रिकेटर रहे हैं जिन्हें हमेशा ही अफ्रीका ने चौथे गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल किया हैं जबकि इनके पास एक ऐसा भी गेंदबाज था जो 6 नम्बर पर बल्लेबाजी करने आता था और वो थे मैकमिलन। इन खिलाड़ियों में कुछ अलग ही ताकत थी जो पूरी टीम इन पर निर्भर करती थी लेकिन अभी दक्षिण अफ्रीका में ऐसे क्रिकेटरों की बहुत कमी हैं। मैं यह कतई ही नहीं कह रहा हूँ दक्षिण अफ्रीका की टीम अच्छी नहीं हैं, हाँ यह टीम बहुत अच्छी क्रिकेट टीम हैं जो अपने घर पर ही नहीं बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में कहीं भी अच्छा खेल दिखा सकती हैं।

किसी भी मैच में सबसे ज्यादा इम्पोर्टेंट यह होता हैं कि उसकी शुरुआत कैसी होनी चाहिए?

इसी बीच सचिन ने जवाब दिया कि मैच में पहला स्पेल बहुत ख़ास होता हैं और कुछ गंभीर भी होता हैं और हम पर यह भी दबाव होता हैं कि हम नयी बॉल को कैसे खेले जिससे हमें फायदा हों न कि कोई विकेट गिर जाए। अगर हम शुरूआती समय में नई बॉल को अच्छे से खेल लेते हैं तो हम जरूर ही अच्छा खेल दिखा सकते हैं और सबसे खास यह है कि हम खेल का पहला दिन कैसा खेलते हैं।

जब कोई बल्लेबाज क्रीज पर बल्लेबाजी करने उतरता हैं तो उस समय उनके मन में बहुत कुछ सवाल आते हैं लेकिन जब आप नई गेंद खेलते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

अनुशासन रखना बहुत जरूरी हैं, यह सबसे महत्वपूर्ण है और उसके बाद फुटवर्क पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी हैं लेकिन फुटवर्क कुछ मस्तिष्क से संबंधित है यदि आप एक खुले दिमाग से खेलना चाहते हैं, तो आपके पैर मुक्त होंगे। ये दोनों चीजें बहुत महत्वपूर्ण हैं बहुत कुछ आप पर निर्भर करता है कि आप किस मानसिकता के साथ खेलते हैं, जब तक आप अपनी मानसिकता के अनुसार अच्छे से खेल खेल रहे है, तो यह काम करता है। और अनुशासन, जो किसी खिलाड़ी के भीतर से ही आता है। साथ ही यह भी ध्यान देना चाहिए कि कौनसी गेंद छोड़नी है और कौनसी गेंद को खेलना हैं।

इस प्रकार जब भी हम किसी विदेशी दौरे पर जाते हैं तो सभी यही सवाल करते हैं कि इंडियन टीम तेज गेंदबाजी नहीं खेल पायेगा ?

जब से मैंने क्रिकेट खेला है तो मैंने भी बहुत दौरों पर रन बनाये हैं और मेरे साथ सहवाग, गांगुली, राहुल और लक्ष्मण इन सभी ने उच्च गेंदबाजों के सामने बहुत रन बनाये हैं तो मैं इस बात से असहमत हूँ।