रिव्यु: यादों को ताज़ा करने के साथ साथ भावुक कर देंगी आपको 'सचिन ए बिलियन ड्रीम्‍स' | Sportzwiki Hindi

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रिव्यु: यादों को ताज़ा करने के साथ साथ भावुक कर देंगी आपको ‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्‍स’ 

रिव्यु: यादों को ताज़ा करने के साथ साथ भावुक कर देंगी आपको ‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्‍स’

क्रिकेट के दीवानों के लिए आज का शुक्रवार काफी खास है, क्‍योंकि ‘क्रिकेट के भगवान’ यानी सचिन तेंदुलकर के जीवन से जुड़े कई पहलुओं से आज पर्दा उठ चुका है. आज रिलीज हुई फिल्‍म ‘सचिन ए बिलियन ड्रीम्‍स’ सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट के भगवान बनने तक की कहानी है. लेकिन आपको बता दें कि यह फिल्‍म ‘भाग मिल्‍खा भाग’ या ‘एम एस धोनी: द अनटोल्‍ड स्‍टोरी’ जैसी फीचर फिल्‍म नहीं है, बल्कि ये एक डॉक्यू-ड्रामा है. यानी इस फिल्‍म के कुछ हिस्से, जिनकी असल फुटेज उपलब्‍ध नहीं थी. सिर्फ उन्‍हीं दृश्‍यों का नाट्य रूपांतरण किया गया है, जैसे सचिन का बचपन दिखाने के लिए. इसके अलावा पूरी फिल्‍म इंटरव्‍यूज, घर पर बनाए गए वीडियो, तस्वीरों और प्रसारित क्रिकेट मैचों की फुटेज के सहारे बनाई गई है. लेकिन इसके बाद भी इसमें एक अच्छी फिल्‍म के सभी गुण हैं. भारतीय टीम में पड़ी दरार हरभजन सिंह ने उठाए खराब फॉर्म में चल रहे धोनी के भारतीय टीम में चयन को लेकर सवाल

फिल्म में मिलेंगे ये दिलचस्प वाक्ये देखने को 

सचिन की पूरी फिल्‍म उत्‍सुकता बनी रहेगी. इस फिल्‍म में बहुत कुछ ऐसा है जो न सिर्फ एक क्रिकेट फैन बल्कि एक नॉन क्रिकेट फैन भी जानना चाहेगा. जैसे सचिन जब जल्दी आउट हुए तो उन्होंने क्या सोचा, पाकिस्तानी टीम ने उन्हें पहली बार देखा तो क्या बोला, शेन वॉर्न की गेंदों का सामना करने के लिए उन्होंने क्या तैयारी की या फिर उनकी पत्नी अंजलि और उनके बीच किस तरह हुई प्‍यार की शुरुआत. यानी इस फिल्‍म में बहुत से ऐसे अनछुए पहलू और किस्‍से हैं जो आपको शायद न मालूम हो.

तालियां बजाने में मजबूर कर देगी सचिन की फिल्म 

यह भले ही फीचर फिल्‍म न हो लेकिन यह फिल्म आपका मनोरंजन करेगी और आपकी आँखे नम भी करेगी तो आपको तालियां बजाने पर मजबूर भी करेगी. इस फिल्‍म की एक और खास बात ये है कि यह फिल्‍म सचिन के जीवन के साथ-साथ हिंदुस्तान के बदलते सामाजिक ढांचे पर भी रोशनी डालती है और बताती है कि निराशाजनक माहौल में किस तरह सचिन एक ताजा हवा का झोंका बन कर आए. ये फिल्‍म सचिन और फिल्‍मकार का बड़ा ही शानदार कदम है.

शायद सिर्फ ये कमी है सचिन की फिल्म में 

इस फिल्‍म की खामियों की बात करें तो इसमें सिर्फ दो जगह इसके स्क्रीनप्ले में छोटी-छोटी खामियां लगीं क्योंकि दो जगह सचिन की कहानी धाराप्रवाह चलते-चलते झटके के साथ कहीं और चली जाती है. एक जगह जहां सचिन अपनी और टीम की बल्‍लेबाजी सुधारने की बात करते हैं और दूसरी जगह उनके कप्तान बनने पर टीम में जब असंतुष्टि की बात होती है.चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए इंग्लैंड गयी कोहली की कप्तानी वाली टीम को मात दे सकती है गंभीर की कप्तानी वाली यह भारतीय टीम

इन लोगो का हाथ रहा है इस फिल्म को बनाने में 

‘सचिन: ए बिलियन ड्रीम्‍स’ के निर्देशक जेम्‍स अर्सकाइन हैं और इसे जेम्‍स अर्सकाइन व शिवकुमार अनंत ने लिखा है. इस फिल्‍म को संगीत, म्‍यूजिक मास्‍टर ए आर रहमान ने दिया है. और ये फिल्म 200 नाट आउट के रवि भगचंदका और कार्निवल मोशन पिक्चर्स के श्रीकांत भासी द्वारा निर्मित है.

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