सचिन ने बताया अपने क्रिकेट करियर की सबसे मुश्किल पारी, जब 1-1 गेंद खेलना हो गया था मुश्किल | Sportzwiki

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सचिन ने बताया अपने क्रिकेट करियर की सबसे मुश्किल पारी, जब 1-1 गेंद खेलना हो गया था मुश्किल 

सचिन ने बताया अपने क्रिकेट करियर की सबसे मुश्किल पारी, जब 1-1 गेंद खेलना हो गया था मुश्किल

विश्व क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक भारत के सचिन तेंदुलकर माना जाता है। सचिन तेंदुलकर भारत के सबसे बड़े बल्लेबाज हैं सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान में जो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, उसे तोड़ना बहुत ही मुश्किल है। सचिन तेंदुलकर ने अपने समय में जैसे ही मैदान में बल्लेबाजी के लिए उतरते तो रिकॉर्ड खुद ब खुद बनने लगते थे। सचिन को इसी काबिलियत के कारण रिकॉर्ड पुरूष कहा जाता है।

सचिन ने 1998 की शारजाह में खेली पारी को बताया सबसे मुश्किल

सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान में कई ऐतिहासिक पारी खेल कर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सचिन तेंदुलकर ने जो मील के पत्थर छुए हैं वो वर्तमान समय में तोड़ना या पास में पहुंचना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं है। सचिन तेंदुलकर ने वनडे और टेस्ट दोनों ही तरह के फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी के कारनामें से महानता हासिल कर ली है। वैसे सचिन ने मैदान में कई शानदार पारियां खेली हैं उसमें से सचिन के अनुसार साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह के मैदान में खेली गई 142 रनों की पारी सबसे मुश्किल थी।महिला विश्वकप फाइनल: सचिन और कोहली नही बल्कि इस खिलाड़ी के आउट होने के बाद टीवी बंद कर देती थी हरमनप्रीत कौर

गर्मी के मौसम में शारजाह में खेलना बहुत मुश्किल

मास्टर-ब्लास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 20 अगस्त को मुंबई में होने वाली आईडीबीआई लाइफ इंश्योरेंस मुंबई हाफ मैराथन को लेकर हुए कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचें जहां पर उन्होनें ये बाते साझा की। सचिन ने इसको लेकर कहा कि “अप्रैल के महीने के मौसम को देखते हुए तापमान वास्तव में बहुत ही गर्म था और आप इस गर्मी को अपने जूते में महसूस कर सकते थे और ऐसे में आप सबसे पहले अपने पैरों को बर्फ से भरी बाल्टी में डालना चाहोगे।मेरा भी यही हाल था। वो मेरा एक अनुभव था जिसको मैं मुश्किल हालात के रूप में याद रखता हूं। क्योकिं इस दौरान दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना और उन्हें इतने शानदार तरीके से हराना वास्तव में बहुत संतोषजनक था।

48 घंटों में ही खेलने पड़ गए दौ मैच

साल 1998 में शारजाह के मैदान में ऑस्ट्रेलिया भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुई त्रिकोणीय को सीरीज के फाइनल मैच में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सचिन ने 134 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को खिताब दिलाया। सचिन ने इस मैच को याद करते हुए कहा कि “मेरे 48 घंटो के अनुभव शारजाह के मैच थे। जो मैंने 1998 में खेले थे। उन दिनों हम शारजाह में खेलते थे और वापस दुबई जाते थे। जबतक हम होटल पहुंचे, सामान खोला तब तक सुबह के दो बज गए या इतना ही समय था जब सोने गया, अगला पूरा दिन रिकवरी दिन था और उसके अगले दिन फाइनल था, तो ये इतना आसान नहीं था।विराट और सचिन नहीं बल्कि इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी को क्रिकेट के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में देखती है सानिया मिर्जा

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