सचिन तेंदुलकर ने बताया क्यों वर्तमान समय की भारतीय टीम है उनके समय की टीम से बेहतर | Sportzwiki Hindi

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

सचिन तेंदुलकर ने बताया क्यों वर्तमान समय की भारतीय टीम है उनके समय की टीम से बेहतर 

सचिन तेंदुलकर ने बताया क्यों वर्तमान समय की भारतीय टीम है उनके समय की टीम से बेहतर

विश्व के सबसे सफल बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर, ने शुक्रवार को दिल्ली मैराथन के एक इवेंट में बताया कि अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए क्या करना चाहिए.

सचिन तेंदुलकर ने बताया क्यों वर्तमान समय की भारतीय टीम है उनके समय की टीम से बेहतर 1

सचिन ने कहा,

“एक बार मुझे एक तेज़ गेंदबाज़ की गेंद मेरी पसलियों में लगी थी और उस समय मै बहुत दर्द में था, लेकिन मैंने गेंदबाज़ को ऐसा बिलकुल भी महसूस नहीं होने दिया, कि मैं किसी तकलीफ में हूं. एक अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए आपको अपने विरोधी को अपनी कमजोरी का बिलकुल भी पता नहीं चलने देना चाहिए.”

आजकल के समय में फील्डिंग और रनिंग क्रिकेट का एक अहम हिस्सा बन गया है, आपको शायद यह जानकार हैरानी होगी कि सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के लम्बे अंतर्राष्ट्रीय करियर में 353 किलोमीटर दौड़े है.

यह भी पढ़े : वीरेंद्र सहवाग के ट्रोल पर सचिन तेंदुलकर का करारा जवाब

सचिन ने फिटनेस और फील्डिंग पर कहा, कि

“आज कल खेल काफी बदल चूका है, आपको न सिर्फ गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी पर ध्यान देना होता है, बल्कि आपकी फिटनेस भी आपके टीम में होने या न होने का एक कारण बन सकती है. आपको अपने खाने पीने पर ध्यान देना ज़रूरी हो गया है हम आमतौर पर खाने की टेबल पर जिम से ज्यादा समय बिताते है, जब इसका उल्ट करना शुरू कर देंगे तो उसका हमारे स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ेगा.”

सचिन ने बताया, कि साल 2000 के समय में  हमारी टीम फील्डिंग के मामले में बहुत पीछे थी, लेकिन मौजूदा टीम में सभी खिलाड़ी बतौर फील्डर भी टीम में अपना पूरा योगदान देते है जिसकी वजह से टीम अच्छा कर रही है. भारतीय टीम में इस समय विश्वस्तरीय फील्डर है और यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छे संकेत है.

यह भी पढ़े : जब अख्तर और सचिन की वजह से हुआ क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा विवाद, दर्शको ने फेंके पाकिस्तान पर बोतले

सचिन ने बताया कि वह खुद फिट रहने के लिए लगभग 12 घंटे मैदान पर बिताते थे. सचिन एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है जिनके नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक है, और उनका यह रिकॉर्ड शायद कभी न टूटे.

Related posts