सचिन तेंदुलकर

भारतीय क्रिकेट टीम की फैन फॉलोइंग न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में फैली हुई है. साथ ही भारतीय खिलाड़ियों को भी दुनिया के हर कोने से काफी प्यार मिलता है.  क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर अपनी अच्छी छवि के लिए विश्व विख्यात हैं. लेकिन कई मौको पर ऐसा देखा जाता है जब खेल में परिस्थिति ऐसे उत्पन्न होती जाती है, कि जिस दौरान खिलाड़ी कुछ ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाते है जिससे की एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो जाता हैं.

विवादों में फंसी थी टीम इंडिया

सचिन तेंदुलकर

विश्व क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ टीम की लिस्ट में शुमार भारतीय क्रिकेट टीम 2001 में एक बड़े विवाद में फंस गई थी. ये बात 2001 में साउथ अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान टीम इंडिया एक बड़े विवाद में फंस गई थी जिसके लपेटे में टीम के 6 खिलाड़ी आ गए थे.

दरअसल बात साउथ अफ्रीका के पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान की रही. जब मैच के तीसरे दिन कप्तान सौरव गांगुली ने गेंद महान बल्लेबाज़ सचिन को थमाई. एक तरफ टीम के दिग्गज से दिग्गज गेंदबाजों की गेंद असरकारक नहीं दिख रही थी तो वहीं सचिन की गेंद काफी घूम रही थी. इसे देखकर मैच रैफरी माइक डेनिस काफी हैरान थे.

जब दिग्गज सचिन तेंदुलकर पर लगा था बॉल टैम्परिंग का आरोप, इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों पर लगे ये 6 आरोप 1

रैफरी को शक हुआ और उन्होंने सचिन की वीडियो को पुरानी विडियो को दिखाने को कहा. विडियो में देखा गया जब सचिन गेंद को साफ़ करते देखे गए. तभी मैच में अजीब मोड़ उस समय आया जब मैच रैफरी ने सचिन को गेंद साफ करता देखा और उनपर बॉल टेंपरिंग का आरोप लगा दिया. जिसके बाद सचिन तेंदुलकर को 1 मैच का प्रतिबंध झेलना पड़ा. इसमें सचिन के साथ भारत के 6 खिलाड़ियों पर आरोप लगाए गए.

इन 6 खिलाड़ियों पर लगे आरोप

सचिन तेंदुलकर

सचिन तेंदुलकर- बॉल टेंपरिंग का आरोप, एक मैच का प्रतिबंध.

वीरेंद्र सहवाग- मैच में ज्यादा अपील करने का आरोप, एक मैच का प्रतिबंध.

सौरव गांगुली- कप्तान होने के नाते अपनी टीम को सही से नहीं संभाल पाने का आरोप, सौरव पर सबसे ज्यादा गाज गिरी. सौरव पर एक टेस्ट व दो एकदिवसीय मैच का प्रतिबंध.

हरभजन सिंह मैच में ज्यादा अपील करने का आरोप, एक मैच का प्रतिबंध.

शिव सुंदर दास- मैच में ज्यादा अपील करने का आरोप, एक मैच का प्रतिबंध.

दीप दास गुप्ता- मैच में ज्यादा अपील करने का आरोप, एक मैच का प्रतिबंध.