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इतिहास के पन्नो से: 10 साल पहले विश्वकप से बाहर होने के बाद 2 दिन अपने को सचिन ने किया होटल में बंद? 

इतिहास के पन्नो से: 10 साल पहले विश्वकप से बाहर होने के बाद 2 दिन अपने को सचिन ने किया होटल में बंद?

“आज से ठीक 10 साल पहले 2007 में खेले गए 50 ओवर के वर्ल्ड कप में भारत के प्रदर्शन से जहां पूरे देशवासीयों में गुस्सा था, तो वही क्रिकेट के भगवान सचिन रमेश तेंदुलकर ने भी उस वक़्त कों याद करते हुए कहा की उस समय पूरी इंडियन टीम अपने खेल से काफी निराश हुई थी”, जिस प्रकार हम बांग्लादेश से हारे थे, वों हमारे लिए सबसे बुरा दिन था, फिर उसके बाद हम श्रीलंका से महज 69 रन से हारकर पहले ही दौर में वर्ल्ड कप से बाहर हो गए थे, जब की उस समय हमारी टीम वर्ल्ड कप जीतने की प्रबल दावेदार थी. सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर का सबसे अच्छा विपक्षी कप्तान नासिर हुसैन को बताया

सचिन ने आगे कहा कि वे इतना ज्यादा निराश हो गए थे, कि वे ” मै 2 दिन तक होटल के कमरे से बाहर नहीं आया और उस समय मेरे दिमाग में सन्यास लेने के भी विचार आ रहे थे, मेरे लिए आगे बढ़ना बेहद ही मुश्किल था क्योंकि मैने कभी ये नहीं सोचा था कि हम बांग्लादेश से हार जायेंगे.”

लेकिन भारत के लिए 23 मार्च का दिन एक बुरा दिन साबित हुआ.उस समय के वर्तमान कोच ग्रेग चैपल के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा, कि इस ख़राब प्रदर्शन के लिए वे भी जिम्मेदार है, क्योंकि उन्होंने टीम में इतने सारे बदलाव किये कि टीम संतुलित ही नहीं हो पाई यहाँ तक की मुझे भी किस पोजीशन पर बल्लेबाजी करनी है, ये तक तय नहीं था. वर्ल्डकप 2019 में भाग लेना मेरा लक्ष्य: युवराज सिंह

इसके बाद सचिन ने कहा कि जब मेरे सन्यास की खबर महान बल्लेबाज़ सर विवियन रिचर्ड्स कों पता चली, तो उन्होंने मुझे फ़ोन किया और करीब 45 मिनट तक बात की और मुझसे कहा कि “इस खेल में उतार चढाव आते रहते है, अभी मेरे अंदर काफी क्रिकेट बाकी है, इसलिए मै इस समय कों भूलकर आगे बढू, इसके बाद मेरे पास सुनील गावस्कर जी का भी फ़ोन आया और उन्होंने भी मुझसे यही कहा, जिससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा क्योंकि जब आपके लीजेंड आप से कुछ कहते है तो आप का विश्वास अवश्य बढ़ता है.”

इसके बाद मै मुंबई वापस आ गया और मेरे भाई अजीत ने कहा कि सोचो 2011 का वर्डकप फाइनल मैच मुंबई में होता है और इंडिया जीतती है, और ट्रॉफी मेरे हाथ में होती है, तब इसके बाद मैने फिर से प्रेक्टिस शुरू कर दी और फिर हमने बहुत अच्छा खेल खेला और हम टेस्ट में नंबर 1 टीम बने एवं 2011 का वर्ल्डकप भी हमने जीता. ग्रेग चैपल ने खुद बताया उनके कार्यकाल में क्यों हारती थी भारतीय टीम

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