सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के एक बैट बनाने वाली कंपनी पर किया केस, मुवावजा भी

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सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया देगा 2 मिलियन डॉलर, इस बात से नाराज है ये भारतीय दिग्गज 

सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया देगा 2 मिलियन डॉलर, इस बात से नाराज है ये भारतीय दिग्गज

क्रिकेट की दुनिया में भगवान माने जाने वाले भारतीय दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अपने पूरे 24 साल के करियर में बहुत ही कम बार विवादों में रहें. इसी कारण उन्हें क्रिकेट की दुनिया में बहुत ही सभ्य क्रिकेटर भी कहा जाता है. कई लोग उनके खेल के साथ  इस कारण भी उनके फैन थे. अब उनके साथ एक बड़ा विवाद जुड़ गया है.

क्रिकेट बैट बनाने वाली कंपनी से है सचिन तेंदुलकर का विवाद

सचिन तेंदुलकर

बैट बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया की कंपनी स्पार्टन के साथ 2016 में सचिन तेंदुलकर का करार हुआ था. जिसके अंतर्गत सचिन तेंदुलकर ने उस कंपनी का विज्ञापन करने की बात हुई थी. जिसके बाद सचिन ने इस कंपनी के कई प्रोग्राम में हिस्सा लिया था.

लेकिन कुछ दिनों बाद ये कंपनी सचिन के साथ हुए करार की रकम की भरपाई नहीं कर पायी तो तेंदुलकर ने अपना करार खत्म कर लिया और अपना नाम प्रयोग करने से कंपनी को मना कर दिया. लेकिन उसके बाद भी स्पार्टन ने लगातार सचिन तेंदुलकर का नाम लेकर अपने वस्तुयों की प्रमोशन किया. जिस कारण अब तेंदुलकर ने कंपनी पर केस कर दिया है.

अब सचिन तेंदुलकर ने कंपनी पर किया केस

सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया देगा 2 मिलियन डॉलर, इस बात से नाराज है ये भारतीय दिग्गज 1

कंपनी के इस तरह की प्रतिक्रिया के बाद सचिन ने कंपनी से बात की लेकिन उसके बाद भी कंपनी ने तेंदुलकर का नाम प्रयोग किया. जिसके बाद अब सचिन ने अपने वकील के मदद से सिडनी में स्थित फेडरल सर्किट कोर्ट में केस कर दिया है और लगभग 2 मिलियन डॉलर की रकम की मांग की है.

इस मामले में अपनी मदद के लिए सचिन ने सिडनी की कानूनी फर्म गिल्बर्ट और टोबिन को भी अपने साथ जोड़ा है. सचिन इस समय विश्व कप में कमेंट्री करते हुए नजर आ रहे है.

क़ानूनी फर्म ने दिया अपना बयान

सचिन तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया देगा 2 मिलियन डॉलर, इस बात से नाराज है ये भारतीय दिग्गज 2

इस विवाद पर बोलते हुए क़ानूनी फर्म के एक वकील ने कहा कि

” श्री तेंदुलकर ने अपना मामला दर्ज करने से पहले स्पार्टन के साथ इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करने के लिए हर संभव प्रयास किया है. स्पार्टन ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया और अपने अधिकार के बिना अपने नाम और समानता का उपयोग करना जारी रखा. जिस कारण सचिन के पास कोई और विकल्प नहीं बचा.”

 

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