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आईसीसी ने क्रिकेट कैलेंडर के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए उसे सहज बनाने के लिए टेस्ट क्रिकेट के मैचों के दिनों को घटाकर 5 दिन से 4 दिन का करने पर विचार किया जा रहा है. एक तरफ आईसीसी और क्रिकेट बोर्ड्स इस आइडिया का समर्थन कर रहे हैं तो वहीं एक के बाद एक दिग्गज खिलाड़ी इस प्रस्ताव के विरोध में बोलते नजर आ रहे हैं. सचिन तेंदुलकर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए.

टेस्ट क्रिकेट के साथ नहीं होनी चाहिए छेड़छाड़

सचिन तेंदुलकर

आईसीसी द्वारा टेस्ट को छोटा करके 4 दिनों का करना के विरोध में तमाम खिलाड़ी बयान देते नजर आ रहे हैं. विराट कोहली, गौतम गंभीर, रिकी पोन्टिंग जैसे खिलाड़ियों के बाद अब सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट को 4 दिन का किए जाने के विरोध में पीटीआई से बात करते हुए कहा,

टेस्ट क्रिकेट का प्रशंसक होने के नाते मुझे नहीं लगता कि इससे छेड़छाड़ की जानी चाहिए. इस फॉर्मेट को उसी तरह खेला जाना चाहिए जिस तरह यह वर्षों से खेला जाता रहा है.

‘बल्लेबाज यह सोचना शुरू कर देंगे कि यह सीमित ओवरों के क्रिकेट का लंबा प्रारूप है, क्योंकि अगर आप दूसरे दिन लंच तक बल्लेबाजी कर लोगे तो आपके पास सिर्फ ढाई दिन बचेंगे. इससे खेल को लेकर विचारधारा बदल जाएगी.

स्पिनर्स के लिए अच्छा होता है पांचवा दिन

भारत के लिए 200 टेस्ट मैच खेलकर 15921 रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर ने स्पिनर्स के लिए पांचवे दिन स्पिनर्स की बात करते हुए कहा,

पांचवें दिन अंतिम सत्र में कोई भी स्पिनर गेंदबाजी करना पसंद करेगा. गेंद पहले दिन या पहले सत्र से टर्न नहीं लेती. विकेट को टूटने में समय लगता है. पांचवें दिन टर्न, उछाल और सतह की असमानता दिखती है. पहले दो दिन ऐसा नहीं होता.

टेस्ट में बल्लेबाजों की होती है परीक्षा

सचिन तेंदुलकर

‘बल्लेबाज, क्या टेस्ट क्रिकेट में उनकी परीक्षा होती है? कम से कम एक प्रारूप ऐसा होना चाहिए जिसमें बल्लेबाज को चुनौती मिले और यही कारण है कि इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है क्योंकि यह दो सत्र में खत्म नहीं होता. कभी-कभी मुश्किल पिच पर आपको कई घंटों तक बल्लेबाजी करनी होती है.