सचिन तेंदुलकर ने किया टेस्ट क्रिकेट को छोटा करने का विरोध

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

4 दिन टेस्ट के विरोध में हैं सचिन तेंदुलकर, बताया कैसे टेस्ट क्रिकेट को बनाया जा सकता है रोमांचक 

4 दिन टेस्ट के विरोध में हैं सचिन तेंदुलकर, बताया कैसे टेस्ट क्रिकेट को बनाया जा सकता है रोमांचक

आईसीसी ने क्रिकेट कैलेंडर के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए उसे सहज बनाने के लिए टेस्ट क्रिकेट के मैचों के दिनों को घटाकर पांच के बजाय चार दिन करने पर विचार किया जा रहा है. लेकिन इस प्रस्ताव पर तमाम खिलाड़ी विरोध करते नजर आ रहे हैं. टिम पेन, विराट कोहली, गौतम गंभीर के बाद अब मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी टेस्ट को छोटा करने के विपक्ष में बयान देते नजर आए हैं.

छोटा करने से टेस्ट को नहीं बनाया जा सकता लोकप्रिय

सचिन तेंदुलकर

5 दिन के टेस्ट क्रिकेट के दौरान शुरुआती वक्त में तेज गेंदबाज स्विंग का फायदा उठाते हैं, तो वहीं आखिर का पांचवा दिन तो मानो स्पिनर्स के नाम रहता है. अब सचिन तेंदुलकर ने स्पिनर्स की मजबूती की बात करते हुए मुंबई मिरर से कहा,

स्पिनर पुरानी हो चुकी गेंद और टूटी हुई विकेट का फायदा उठाकर 5वें दिन कमाल करते हैं. यह सब टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा है.

ऐसे में क्या यह उचित होगा कि स्पिनरों का यह हक उनसे छीना जाए. टेस्ट से एक दिन कम करने से इस खेल को लोकप्रिय नहीं बनाया जा सकता. इसकी जगह आईसीसी को पिचों की क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए.

आज टी20 हो रहे हैं. वनडे हो रहे हैं और अब तो टी10 भी होने लगे हैं. ऐसे में क्रिकेट के सबसे प्यूरेस्ट फॉर्म के साथ छेड़छाड़ जायज नहीं है. इसकी कोई जरूरत नहीं है.

गंभार, विराट भी कर चुके आईसीसी के प्रस्ताव का विरोध

विराट कोहली

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का टेस्ट के प्रति लगाव हर कोई जानता है. आईसीसी द्वारा टेस्ट को 5 दिन से घटाकर 4 दिन के करने के प्रस्ताव पर कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच से एक शाम पहले कॉन्फ्रेंस में कहा,

मेरे हिसाब से इसमें बदलाव नहीं होने चाहिए. जैसा मैंने कहा टेस्ट क्रिकेट को आगे ले जाने के लिए डे-नाइट टेस्ट लाया गया है, इससे उत्साह पैदा होता है, लेकिन इससे ज्यादा इससे छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए.

मुझे नहीं लगता कि ऐसा किया जाना चाहिए. आज आप इसे 4 दिन का करना चाहते हो, कल 3 दिन का करणा चाहोगे, ऐसे तो एक दिन टेस्ट क्रिकेट खत्म ही हो जाएगा.

इतना ही नहीं गंभीर ने भी इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा,

यह हास्यास्पद विचार है. टेस्ट से एक दिन कम करने से परिणाम नहीं आएंगे और फिर नई तरह की बातें शुरू हो जाएंगी.

 

Related posts