सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री मोदी से की खास अपील

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

इस भारतीय खिलाड़ी की दयनीय दशा देखकर सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किया ये अपील 

इस भारतीय खिलाड़ी की दयनीय दशा देखकर सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किया ये अपील

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे लीजेंड क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर देश हीत के खास कामों के लिए हमेशा आगे रहते हैं। सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर से उसी तरह का काम किया है। सचिन तेंदुलकर ने भारत के प्रधानमंंत्री से एक खास आग्रह किया। सचिन ने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि भारत के सभी इंटरनेशनल पदक विजेताओं को केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना में शामिल किया जाए।

सचिन ने ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए लिखा पीएम मोदी को पत्र

सचिन तेंदुलकर ने स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के दौरान खिलाड़ियों की मुश्किलों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में हॉकी के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मोहम्मद शाहीद के अंतिम दिनों का उदाहरण दिया। लीजेंड सचिन तेंदुलकर ने इन खिलाड़ियों के लिए इस खास आग्रह को लेकर 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा।

ओलंपिक खिलाड़ियों को दी जानी चाहिए चिकित्सकीय सुविधाएं

सचिन तेंदुलकर ने इस पत्र में लिखा कि

“मैं संबंधित खिलाड़ी के रूप में अपने देश के सभी खिलाड़ियों की ओर से लिखते हुए आपसे आग्रह करता हूं कि आप हस्तक्षेप करके इंटरनेशनल लेवल पर पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को सीजीएचएस सुविधाओं के पात्र खिलाड़ियों को सूची में शामिल करें।”

खेल और स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया इस बात का समर्थन

सचिन तेंदुलकर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस बारे में अवतग कराते हुए कहा कि

“इस मुद्दे को इससे पहले खेल मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों के साथ उठा चुके हैं।”

सचिन ने इसको लेकर लिखा कि

“उन्होंने इस विचार का समर्थन किया है, लेकिन 14 सितंबर को अपने जवाब में सीजीएचएस योजना के तहत विस्तृत रूप से खिलाड़ियों पर विचार करने में अक्षमता जतायी है। अपने शुरूआती आग्रह के आधार पर मैं उनकी पूरी तरह से सराहना करता हूं और उनकी स्थिति समझ सकता हूं।”

मोहम्मद शाहीद जैसे महान खिलाड़ी को मिलनी चाहिए सुविधा

इसके साथ ही सचिन ने आगे कहा कि

सभी खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाती इसलिए हम इंटरनेशनल मेडल विनर के सीमित पूल पर विचार करते हैं, तो अपने महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक मोहम्मद शाहीद के प्रति इदासीनता जैसी घटनाओं से बच सकते हैं। मेरी बात करूं तो मैंने कई गंभीर चोटों का सामना किया, जहां मेरे सामने अनिश्चित वापसी का दबाव था। खिलाड़ी को काफी शारीरिक और मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है। चिकित्सकीय खर्चा खिलाड़ियों पर अतिरिक्त भार डालना हैं।”

Related posts

Leave a Reply