धोनी की इस क्वालिटी पर फिदा हैं संजू सैमसन, लाना चाहते हैं अपने अंदर भी वो क्वालिटी 1

भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी पिछले काफी वक्त से क्रिकेट मैदान पर नजर नहीं आए. मगर शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब खबरों में उनका जिक्र ना आए. असल में एमएस ने विकेटकीपिंग के मायने ही बदल कर रख दिए हैं. अब अब युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने एक इंटरव्यू के दौरान एमएस की उस क्वालिटी के बारे में बताया है जिसे वह अपने अंदर लाना चाहते हैं.

धोनी की तरह शांत बनना चाहते हैं सैमसन

धोनी

भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के सितारे गर्दिश में हैं. कोरोना वायरस से पहले जब क्रिकेट खेला जा रहा था तब सैमसन को तमाम मौके मिले. लेकिन वह उन मौकों का फायदा नहीं उठा सके. लेकिन अब टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए सैमसन ने विकेटकीपिंग को लेकर अपने विचार साझा किए. साथ ही एमएस धोनी की उस क्वालिटी का भी जिक्र किया जिसके वह फैन हैं. संजू सैमसन ने कहा,

“एमएस धोनी का शांत रहना और कठिन परिस्थितियों में फोकस होना. दो ऐसी चीजें हैं, जिसे मैं अपने खेल में भी शामिल करना चाहूंगा और बल्लेबाजी करते समय शांत और अधिक ध्यान दूं.”

गिलक्रिस्ट-धोनी ने बदल दी विकेटकीपिंग की परिभाषा

महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफल विकेटकीपर हैं तो वहीं ऑस्ट्रेलिया दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने ऑस्ट्रेलिया के लिए विकेट के पीछे से तमाम बल्लेबाजों को चलता किया है. इस बात में कोई दोराय नहीं है कि इन दोनों खिलाड़ियों ने विकेटकीपिंग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया. अब सैमसन का भी यही मानना है कि गिलक्रिस्ट-धोनी ने विकेटकीपिंग की परिभाषा को ही बदल दिया. उन्होंने आगे कहा,

“आज सभी विकेटकीपर शीर्ष बल्लेबाज हैं. आप दुनिया भर में देखते हैं, अधिकांश विकेटकीपर बहुत अच्छे बल्लेबाज हैं. एडम गिलक्रिस्ट ने कीपर्स की उस सोच को बदल दिया कि वह ओपनिंग बल्लेबाजी क्रम पर खेलेंगे और एमएस ने यही काम मध्य क्रम में किया.

अब एक विकेटकीपर का होने का एक मानदंड है जो एक बहुत अच्छा शीर्ष या मध्य-क्रम का बल्लेबाज है, क्योंकि यह टीम में एक अतिरिक्त गेंदबाज या ऑलराउंडर को खिलाने की कप्तान को छूट देता है.”

केएल राहुल कर रहे टीम में विकेटकीपिंग

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भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी पिछले काफी वक्त से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर चल रहे हैं. ऐसे में कप्तान विराट कोहली ने ऋषभ पंत को बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज मौके दिए.

लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गए एकदिवसीय सीरीज में पंत के इंजर्ड होने के बाद कप्तान ने केएल राहुल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी. राहुल ने अच्छी विकेटकीपिंग से टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज जगह पक्की कर ली.

न्यूजीलैंड दौरे पर खेले गए 5 टी20 आई व 3 वनडे मैचों में राहुल ने विकेटकीपिंग जिम्मेदारी सौंपी. जहां उन्होंने फिर अपनी काबीलियत साबित की. अब ये कहना गलत नहीं होगा कि कप्तान विराट कोहली भविष्य में केएल राहुल के हाथों में ही ग्लव्स सौंप दें.