संदीप पाटिल ने कहा हार्दिक पांड्या को कॉपी ना करें भारतीय युवा 1

पूर्व भारतीय खिलाड़ी तथा चीफ सेलेक्टर संदीप पाटिल ने हार्दिक पंड्या के रवैये को लेकर बड़ी बात कही है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि मौजूदा भारतीय टीम के मुख्य ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक युवाओं के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं.

इसी कारण देश तथा दुनिया के कई युवा हार्दिक पंड्या को फॉलो करते हैं तथा उनकी ड्रेसिंग सेन्स और रवैये को कॉपी करते हैं. संदीप पाटिल ने हार्दिक पंड्या के स्वैग वाले रवैये को लेकर बात की है और युवाओ से उनके इस रवैये को कॉपी ना करने का अनुरोध किया है.

संदीप पाटिल ने कहा

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जब हम क्रिकेट खेलते थे तो हमारे दिनों में कोई सन क्रीम या ऐसा कुछ नहीं था. सूरज में तब भी उतनी ही गर्मी थी और सूरज अभी भी नहीं बदला है. ​​आज कल घरेलु क्रिकेट के लड़के भ अपने चेहरे पर क्रीम के साथ गेंदबाजी, बल्लेबाजी तथा क्षेत्ररक्षण करने के लिए मैदान में उतरते हैं. मेरा सभी युवाओं से अनुरोध है कि कृपया मैच खेलने के दौरान नखरे ना करें और हार्दिक पंड्या के स्वैग और क्रीम लगाने की शैली को फॉलो ना करें, ना ही उनकी तरह बनने की कोशिश करें.

आपको बता दें कि यह बात संदीप पाटिल ने तब कही जब वह मुंबई में एक स्कूली स्तर के टूर्नामेंट हैरिस शील्ड फाइनल में पुरस्कार वितरित करने के लिये गए थे.

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4 दिवसीय टेस्ट पर भी बोले संदीप पाटिल

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‘यह बकवास’ है. वर्ष 1983 विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे पाटिल ने कहा, मैं पुराने विचारों का हूं और सचिन तेंदुलकर ने जैसी इसकी व्याख्या की है कि पांच दिवसीय टेस्ट का पहला दिन मध्यम गति के गेंदबाजों का होता है और टेस्ट क्रिकेट आपके जज्बे की परीक्षा लेता है. आप उस जज्बे और बल्लेबाज तथा गेंदबाज के उन परीक्षाओं को छीन रहे हो.

पाटिल 1980 से 1984 तक 29 टेस्ट मैचों का हिस्सा रहे. उन्होंने कहा, इसे टेस्ट क्यों कहा जाता है क्योंकि इससे एक व्यक्ति की परीक्षा होती है. एक क्रिकेटर को पहले दिन इम्तिहान के लिये रखा जाता है और यह अंतिम दिन तक चलता है. जब विकेट टूटा होता है, टर्न लेता है तो आपको स्पिनरों का सामना करना पड़ता है. इसी कारण मुझे लगता है कि छार दिवसीय टेस्ट में रोमांच कम हो जायेगा.