रविन्द्र जडेजा को लेकर बदल गए संजय मांजरेकर के सुर, इन शब्दों में की तारीफ 1

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी रविन्द्र जडेजा इस समय टीम के लिए हर फॉर्मेट में परफेक्ट साबित हो रहे हैं। रविन्द्र जडेजा भारत के लिए टी20 हो या वनडे या फिर टेस्ट क्रिकेट हर जगह अपना स्थान स्थापित कर चुके हैं। जिसमें उनका योगदान तीनों ही विभाग में देखने को मिल रहा है। रविन्द्र जडेजा स्पिन गेंदबाजी के अलावा बढ़िया बल्लेबाजी के साथ ही कमाल की फील्डिंग कर लेते हैं।

रविन्द्र जडेजा और संजय मांजरेकर के बीच होती रहती है शब्दों की जंग

रविन्द्र जडेजा का कद भारतीय टीम में बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन जडेजा जैसे खिलाड़ी का अक्सर ही पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने किसी ना किसी तरह से आड़े हाथ लेने की कोशिश की है।

संजय मांजरेकर

संजय मांजरेकर और रविन्द्र जडेजा के बीच कई बार ट्वीटर पर भी दिलचस्प जंग देखने को मिलती रहती है। जहां रविन्द्र जडेजा को किसी तरह से कम आंकने का संजय मांजरेकर कोई मौका ही नहीं गंवाते हैं। कई बार ऐसा देखने को मिलता रहा है।

संजय मांजरेकर ने की रविन्द्र जडेजा की तारीफ

लेकिन ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली जा रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में रविन्द्र जडेजा की बल्लेबाजी देखने के बाद संजय मांजरेकर ने उनकी जमकर तारीफ की है। संजय मांजरेकर ने सोनी टेन के पोस्ट शो में रविन्द्र जडेजा के आंकड़ों पर चर्चा की और खूब प्रशंसा की।

रविन्द्र जडेजा को लेकर बदल गए संजय मांजरेकर के सुर, इन शब्दों में की तारीफ 2
PC_GETTY IMAGES

संजय मांजरेकर ने पोस्ट शो में उनके आंकड़ों को लेकर कहा कि “रविन्द्र जडेजा के लिए बल्लेबाज के साथ 2015 के बाद चीजें बदल गईं। ये भी समय था जब अश्विन उनसे पहले बल्लेबाजी कर रहे थे, अश्विन के पास चार टेस्ट शतक थे और जडेजा के पास कुछ भी नहीं था। जडेजा अश्विन के साथ स्पिनर के रूप में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे।”

पिछले चार साल में रवीन्द्र जडेजा में हुआ है बदलाव

“अश्विन की बल्लेबाजी ने जडेजा की बल्लेबाजी को कम किया। इस खिलाड़ी के पास हमेशा एक महान प्रथम श्रेणी का रिकॉर्ड था और आखिरकार, जब उसे अपना नंबर मिला, तो उसने महसूस किया ‘वाह, मुझे इस मौके को बनाने दो”

रविन्द्र जडेजा को लेकर बदल गए संजय मांजरेकर के सुर, इन शब्दों में की तारीफ 3
PC_GETTY IMAGES

संजय मांजरेकर ने कहा कि “शुरुआती दौर में वो टेस्ट ऑलराउंडर के रूप में खेल रहे थे, उनकी गेंदबाजी ठीक थी, लेकिन कुछ सालों के लिए उनकी बल्लेबाजी थोड़ी कमतर बन गई थी। पिछले 4 सालों में कुछ बदला है। वो गेंद को लेफ्ट कर रहे हैं। आज भी एक गुणवत्ता वाले गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ, दूसरी नई गेंद लेने से पहले उसने तेज गेंदबाजों से बचने के लिए विकेट नहीं फेंका। स्वभाव से, तकनीक हमेशा वहां रही है, बल्लेबाजी की क्षमता हमेशा रही है।”